जांजगीर-चांपा में टांगी से हत्या का मामला…तीन आरोपियों को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया सख्त फैसला

 छत्तीसगढ़ :  जांजगीर-चांपा जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। टांगी से हमला कर व्यक्ति की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने की सजा दी गई है।

अदालत का फैसला: तीनों आरोपियों को उम्रकैद

सेशन जज जयदीप गर्ग ने मामले में फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

क्या था पूरा मामला: विवाद से शुरू होकर हत्या तक पहुंचा मामला

यह घटना नरियरा वार्ड क्रमांक 5, थाना मुलमुला क्षेत्र की है। 10 नवंबर 2023 को गांव में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान धरमलाल राठौर के रूप में हुई।

परिजनों की शिकायत पर खुला राज: टांगी से किया गया हमला

मृतक की बहू दीप्ति राठौर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोप था कि संतराम पटेल, रामकुमार पटेल और तिरीथराम पटेल ने टांगी से हमला कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।

इसके बाद पुलिस ने धारा 302 और 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की और सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की गई।

कोर्ट का सख्त संदेश: जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा

अदालत ने साफ किया कि यदि आरोपी जुर्माने की राशि नहीं भरते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 6-6 महीने का सश्रम कारावास भुगतना होगा।इस फैसले के साथ न्यायालय ने यह संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

अभियोजन पक्ष की भूमिका: मजबूत पैरवी से मिला न्याय

इस पूरे मामले में लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने अदालत में मजबूत पैरवी की, जिसके आधार पर दोषियों को सजा दिलाई जा सकी।

न्याय का संदेश: कानून के सामने कोई भी ऊपर नहीं

यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि गंभीर अपराध करने वालों को कानून से बचना मुश्किल है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद आया यह निर्णय पीड़ित परिवार के लिए न्याय की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।

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