कुम्हीचुआ में सनसनीखेज खुलासा: अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, पैसे के विवाद में हुई थी हत्या

 रायगढ़ :  कापू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुम्हीचुआ में मिले युवक के शव मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से उलझी इस गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी और वजह से नहीं बल्कि पैसों के लेन देन को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी।

परिवार और रिश्तों की उलझन के बीच दर्दनाक कहानी

मृतक देवव्रत तुरी का विवाह करीब 13 से 14 वर्ष पहले ग्राम बेहरामार की निर्मला बसोड से सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुआ था। इस दंपति के चार बच्चे हैं जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। पारिवारिक विवाद के चलते पत्नी पिछले दो वर्षों से अपनी तीन बेटियों के साथ मायके में रह रही थी, जबकि 12 वर्षीय बेटा रणबीर अपने दादा दादी के साथ कुम्हीचुआ में रह रहा था।

इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बीच घटना के दिन स्थिति और भी संदिग्ध हो गई जब बेटा अपने पिता को ढूंढने कमरे में गया, लेकिन देवव्रत वहां मौजूद नहीं था।

निर्माणाधीन मकान के पास मिला शव, गांव में फैली सनसनी

7 अप्रैल को जब खोजबीन तेज हुई तो निर्माणाधीन इंदिरा आवास और मिट्टी के मकान के पास बाड़ी में देवव्रत तुरी का शव पड़ा मिला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

पुराने विवाद ने ली जान, आरोपी ने कबूला जुर्म

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले जिनसे पता चला कि गांव के करमसाय नगेसिया और मृतक के बीच लंबे समय से पैसों के लेन देन को लेकर विवाद चल रहा था।

इसी रंजिश के चलते 26 अप्रैल की रात आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। बताया गया कि जब देवव्रत एक शादी कार्यक्रम से लौट रहा था, तभी आरोपी ने उसे घर के पास देखा और गुस्से में उसका पीछा किया।

इसके बाद आरोपी ने उसे पकड़कर जमीन पर पटक दिया और उसके मुंह और गले को दोनों हाथों से दबाकर तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सुलझा मामला

लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद मामले की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे से वित्तीय विवाद किस तरह बड़े अपराध और हत्या का रूप ले सकते हैं।

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