पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग जैसी बढ़ोतरी से मचा हड़कंप, 10 दिन में 7.50 रुपये तक उछले दाम, जनता पर भारी बोझ

देश में पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है। लगातार बढ़ते दामों को लेकर जहां जनता परेशान है, वहीं राजनीतिक स्तर पर भी बहस तेज हो गई है। व्यापारी वर्ग से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक सभी पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

नई दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर कई संगठन सरकार से तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं। सबसे बड़ी मांग यह है कि ईंधन की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की जाए ताकि बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके।

CTI की बड़ी मांग, सरकार को लिखा पत्र और इमरजेंसी बैठक की अपील

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर स्थिति पर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पत्र में उन्होंने न केवल कीमतों पर नियंत्रण की बात कही है, बल्कि सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक आपात बैठक बुलाने का भी सुझाव दिया है। उनका कहना है कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो जनता पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है।

वैट घटाकर राहत देने का सुझाव, 10 से 15 रुपये तक कम हो सकते हैं दाम

CTI ने अपने सुझाव में यह भी कहा है कि सभी राज्य सरकारों को अगले तीन महीनों के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला वैट घटाकर 5 प्रतिशत फ्लैट कर देना चाहिए।

संगठन का दावा है कि अगर यह कदम लागू किया जाता है तो ईंधन की कीमतों में सीधे 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आ सकती है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और व्यापार जगत को भी बड़ी राहत मिल सकती है।

केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल की जरूरत, टैक्स सिस्टम पर सवाल

CTI ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के नियंत्रण में है, जबकि वैट राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में इस संकट से निपटने के लिए दोनों स्तर की सरकारों को मिलकर काम करना होगा।

संगठन ने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में सत्तारूढ़ गठबंधन की सरकारें होने के कारण समन्वय बनाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है, जिससे टैक्स में अस्थायी कटौती लागू की जा सकती है।

10 दिनों में 4 बार बढ़े दाम, कुल बढ़ोतरी ने बढ़ाई चिंता

बीते 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • 15 मई को पहली बढ़ोतरी में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि
  • 19 मई को करीब 90 पैसे की बढ़ोतरी
  • 23 मई को 87 पैसे का इजाफा
  • इसके बाद अगले 48 घंटों में 2 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी

कुल मिलाकर इस छोटे से समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर तक का उछाल देखा गया है। यह तेजी सीधे तौर पर आम आदमी के बजट को प्रभावित कर रही है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज, राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ईंधन की कीमतें किस्तों में बढ़ाई जा रही हैं ताकि जनता को एक साथ झटका महसूस न हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस बढ़ती महंगाई के कारण आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ रहा है और आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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