छत्तीसगढ़ की 69 मंडियों में अब तक नहीं हुई राजनीतिक नियुक्तियां, ढाई साल बाद भी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद खाली

 छत्तीसगढ़ : सत्ता परिवर्तन के बाद से कृषि उपज मंडियों में राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। सरकार बनने के करीब ढाई वर्ष बाद भी प्रदेश की 69 कृषि उपज मंडियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं। ऐसे में मंडियों का संचालन फिलहाल भारसाधक अधिकारियों के भरोसे किया जा रहा है।

सरकार बदलते ही खत्म हो गया था पुरानी समितियों का कार्यकाल

पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में गठित मंडी समितियों का कार्यकाल दिसंबर 2023 में सरकार बदलने के बाद समाप्त हो गया था। इसके बाद नई समितियों का गठन नहीं किया जा सका। परिणामस्वरूप मंडियों की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी गई, जो वर्तमान में इन-चार्ज के रूप में कामकाज संभाल रहे हैं।

अधिकारियों के भरोसे चल रही मंडियों की व्यवस्था

राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड फिलहाल अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण के माध्यम से मंडियों का संचालन सुनिश्चित कर रहा है। प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है ताकि किसानों और व्यापारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों पर चल रहा मंथन

सूत्रों के अनुसार मंडी समितियों के गठन को लेकर सरकार और संगठन काफी सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। नई नियुक्तियों में क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बस्तर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग सहित सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के लिए व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है।

सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी

भाजपा संगठन लंबे समय से पार्टी के सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की रणनीति पर काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि विभिन्न जिलों से संभावित दावेदारों के नाम मंगाए गए हैं और उनके संगठनात्मक योगदान का आकलन किया जा रहा है। अधिकांश जिलों से नामों का पैनल तैयार कर शीर्ष नेतृत्व को भेजा जा चुका है।

जल्द हो सकती है बड़ी घोषणा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मंडी समितियों के पुनर्गठन को लेकर सरकार जल्द फैसला ले सकती है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक समयसीमा घोषित नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्तियों की घोषणा की जा सकती है।

कार्यकर्ताओं की नजरें सरकार के फैसले पर

प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के बीच मंडी समितियों की नियुक्तियों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। कई दावेदार लंबे समय से जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार का फैसला राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • Related Posts

    Sanjay Singh Chhattisgarh Visit: विश्व आदिवासी दिवस पर गरियाबंद पहुंचेंगे AAP सांसद संजय सिंह, जनसभा को करेंगे संबोधित

    Sanjay Singh Chhattisgarh Visit:  आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह आज छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह…

    Read more

    आज जशपुर दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कुनकुरी और बगिया में करेंगे कार्यक्रमों में शिरकत

     छत्तीसगढ़ :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 9 अगस्त को अपने गृह जिले जशपुर के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह रायपुर से रवाना होकर दोपहर तक…

    Read more