एलबी संवर्ग के शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, क्रमोन्नत वेतनमान की मांग वाली सातों याचिकाएं खारिज

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड में पदस्थ एलबी संवर्ग के सात शिक्षकों और व्याख्याताओं को क्रमोन्नत वेतनमान मामले में बड़ा झटका दिया है। न्यायमूर्ति बीडी गुरु की एकल पीठ ने राज्य शासन के वर्ष 2017 के परिपत्र के आधार पर दायर सभी रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि इस कानूनी मुद्दे पर हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट निर्णय दे चुका है, इसलिए इन याचिकाओं में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर पहुंचे थे हाईकोर्ट

यह मामला धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में कार्यरत सात एलबी संवर्ग के शिक्षकों और व्याख्याताओं से जुड़ा है। इनमें यशोदा साहू, सरिता चंद्राकर, ओमकुमारी कंवर, झबलेश्वरी साहू, मनीष देव वर्मा, छोटेलाल टांडी और पूनम अग्रवाल शामिल हैं।सभी याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता अंकुश सोनी के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई), जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी तथा संबंधित जनपद और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पक्षकार बनाते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं।

2017 के परिपत्र को दी थी चुनौती

याचिकाओं में राज्य शासन के 10 मार्च 2017 के परिपत्र के आधार पर क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। शिक्षकों का तर्क था कि निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद वे उच्चतर वेतनमान के पात्र हैं। चूंकि सभी मामलों में तथ्य और कानूनी प्रश्न समान थे, इसलिए अदालत ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की।

राज्य सरकार ने पुराने फैसलों का दिया हवाला

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता अपूर्वा निगम ने अदालत को बताया कि एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान देने का मुद्दा पहले ही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा तय किया जा चुका है।सरकार ने आभा नामदेव बनाम छत्तीसगढ़ राज्य और पुष्पलता मानिकपुरी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य मामलों में दिए गए फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि 2017 के परिपत्र के तहत एलबी संवर्ग के शिक्षकों का क्रमोन्नत वेतनमान का दावा स्वीकार्य नहीं है।

पूर्व के निर्णयों के आधार पर याचिकाएं खारिज

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान मामला भी पूर्व में तय किए गए मामलों से पूरी तरह समान है। इसलिए पहले दिए गए न्यायिक निर्णय इस प्रकरण पर भी लागू होंगे। इसी आधार पर अदालत ने धमतरी जिले के सातों शिक्षकों की क्रमोन्नत वेतनमान से संबंधित सभी रिट याचिकाएं खारिज कर दीं।

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