बैकवर्ड लिंक से खुला अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क, 4 और आरोपी गिरफ्तार, 16 लाख से ज्यादा का नशीला सामान जब्त

रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बैकवर्ड लिंक की जांच करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में पहले से गिरफ्तार गांजा तस्कर से मिली जानकारी के आधार पर चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से गांजा, प्रतिबंधित दवाइयां, कोडीन सिरप, इंजेक्शन, सिरिंज और नकदी सहित करीब 10.70 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 16.15 लाख रुपये से अधिक का मादक पदार्थ व अन्य सामग्री बरामद की जा चुकी है।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) और पुलिस उपायुक्त (मध्य) के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस ने पहले गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए यह बड़ी कार्रवाई की।

पहले पकड़ा गया था 10.71 किलो गांजा

30 जून 2026 को थाना गंज क्षेत्र के राजपूताना होटल के सामने पुलिस ने मेरठ निवासी अभिषेक कुमार को 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से गांजा और मोबाइल फोन सहित लगभग 5.45 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई थी। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह उड़ीसा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश के मेरठ जा रहा था।

चार और आरोपी दबोचे गए

अभिषेक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने निगरानी बढ़ाई। सूचना मिली कि नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्कर रायपुर आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर किशोर साहू, अजय विश्वकर्मा, शुभम साहू उर्फ बऊ और प्रिंस प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया।

भारी मात्रा में नशीला सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बरामद किया—

  • 3 किलोग्राम गांजा
  • 2,000 नाइट्रोटेन टैबलेट
  • 30 बोतल कोडीन सिरप
  • 290 पेंटाजोसीन इंजेक्शन
  • 300 सिरिंज
  • 3,100 रुपये नकद

जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 10.70 लाख रुपये आंकी गई है।

जमानत पर बाहर आकर फिर शुरू कर दिया अवैध कारोबार

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी किशोर साहू पहले भी एनडीपीएस एक्ट के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। महासमुंद की अदालत ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह हाई कोर्ट से जमानत पर बाहर था, लेकिन इसी दौरान दोबारा नशे के अवैध कारोबार में सक्रिय पाया गया।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि प्रतिबंधित दवाइयों और गांजे की सप्लाई किन राज्यों से हो रही थी और इन्हें किन क्षेत्रों में पहुंचाया जाना था। नेटवर्क से जुड़े सप्लायर, रिसीवर और अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपी

  • किशोर साहू (खरियार रोड, ओडिशा)
  • अजय विश्वकर्मा (महासमुंद)
  • शुभम साहू उर्फ बऊ (महासमुंद)
  • प्रिंस प्रजापति (मेरठ, उत्तर प्रदेश)

पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की अन्य धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और जांच लगातार जारी है।

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