स्टार्टअप योजना को बढ़ावा देने एवं जागरूकता के लिए कार्यशाला का आयोजन

 

कलेक्टर ने बिहान समूह के सदस्यों को ऑनलाइन प्रोडक्ट बिक्री के लिए किया प्रोत्साहित

सारंगढ़ बिलाईगढ़, स्टार्टअप योजना को बढ़ावा एवं जागरूकता देने हेतु भारत सरकार, डीपीआईआईटी, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सारंगढ़ – बिलाईगढ़ के द्वारा तेजस कार्यशाला का आयोजन ग्राम टिमरलगा के निजी होटल में किया गया। कार्यशाला मे स्टार्टअप छत्तीसगढ़ की तरफ से प्रीति खण्डेलवाल, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान से अरविंद द्विवेदी एवं अग्रणी बैंक अधिकारी सी एस ठाकुर उपस्थित हुए। कार्यशाला मे राईस मिल एसोसिएशन, डिक्की एसोसिएशन, क्रेशर एसोसिएशन, स्व-सहायता समूह एवं एफपीओ के सदस्यों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरूआत कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, अध्यक्ष जिला पंचायत संजय भूषण पाण्डेय और आमंत्रित सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप से जुड़े विशेषज्ञो ने उद्यमिता विकास, स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन, फंडिंग, सरकारी सहायता योजना एवं नवाचार आधारित व्यवसायों पर जानकारी साझा किया। उन्होनें प्रतिभागीयों को अपने नवाचार आधारित विचारों को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर ने बिहान के स्व-सहायता समूह के सदस्यों को नवाचार आधारित उत्पाद, पैकेजिंग आदि हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने डिजिटल माध्यम जैसे अमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि पर जोड़ने हेतु प्रोत्साहित किया। शासकीय योजनाओं से अपने उत्पाद एवं उद्यम को बढ़ावा देने हेतु मार्गदर्शन दिया और कार्यशाला के संबंध में सभी से फीडबैक एवं सुझाव देने कहा। अग्रणी बैंक अधिकारी द्वारा बैंकिंग प्रक्रियों के संबंध में जानकारी दिया गया।

  • Related Posts

    172 करोड़ शराब ओवरटाइम घोटाला: पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 172 करोड़ रुपये के शराब ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट…

    Read more

    समान आरोपों पर आपराधिक केस और विभागीय जांच साथ नहीं चल सकती, हाईकोर्ट ने सब इंस्पेक्टर के मामले में लगाई रोक

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम अंतरिम आदेश में कहा है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच एक ही आरोपों तथा समान साक्ष्यों पर…

    Read more