गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने दिखाई मानवता, की पीड़ित परिवार की मदद

 

,,गोबरा नवापारा निवासी प्रदीप कश्यप की दो बच्चों को बचाते नदी में डूबने से हुई थी मौत

,,, गरीब परिस्थिति के प्रदीप की मौत के बाद तीन बच्चे, पत्नी व भाई के सामने जीविकोपार्जन की समस्या

,,,मोक्षधाम फाउंडेशन व 64 योगिनी मंदिर लिमोरा ने की गांव पहुंचकर मदद

 

बालोद। गोबरा नवापारा (राजिम ) निवासी प्रदीप कश्यप की नदी में डूब रहे दो बच्चों को बचाते हुए मौत हो गई थी। गरीब परिस्थिति के चलते उनके परिवार के तीन बच्चों पत्नी और छोटे भाई के सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है। अब तक कोई सरकारी सहायता परिवार को नहीं मिली है। घटना की जानकारी होते ही बालोद निवासी प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य व समाजसेवी गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने गांव पहुंचकर मोक्ष धाम फाउंडेशन 64 योगिनी मंदिर लिमोरा के सौजन्य से 31 हजार रुपए की मदद की। मदद पाकर परिवार ने राहत महसूस की और गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख के प्रति आभार जताया।

घटना 11 जुलाई की है। लगभग 2:30 बजे गोबरा नवापारा (राजिम ) निवासी प्रदीप कश्यप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में कपड़ा धोने गए थे तभी उन्होंने देखा कि दो बच्चे नदी में डूब रहे हैं, उन्होंने बच्चों को बचाने नदी में छलांग लगा दी और तैरते हुए दोनों बच्चों को उथले पानी तक ले आया। तब तक प्रदीप काफी मात्रा में पानी पी चुका था। कुछ ही क्षण बाद वह पानी में लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद दूसरे दिन उसका शव लगभग आधा किलोमीटर दूर मिला। इस अवसर पर नागेश्वर कश्यप, माखनलाल साहू, महेश साहू, संजू कश्यप आदि परिवार के लोग सहित शिवेंद्र साहू आदि उपस्थित थे।

रोज कमाने रोज खाने वाला परिवार 

प्रदीप कश्यप के परिवार में पत्नी के अलावा तीन छोटे बच्चे और एक दिव्यांग भाई है। प्रदीप के परिवार का खर्च पिंडदान करने आने वाले लोगों को पिंडदान की सामग्री बेचकर होने वाली आय से चलता है। कुल मिलाकर रोज कमाओ और रोज खाओ की स्थिति परिवार में है। प्रदीप कश्यप के जाने के बाद अब इस परिवार के सामने जीवकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। घर में बचत कुछ भी नहीं है। हालात यह है कि 13 दिन में करने वाले अंतिम कार्यक्रम को 3 दिन में ही निपटाना पड़ा है।

गरीबों की मदद करने हमेशा आगे रहते हैं गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख 

बालोद जिले के ग्राम भेड़ी निवासी व मोक्ष धाम फाउंडेशन लिमोरा के संस्थापक गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख हमेशा गरीबों की मदद के लिए आगे रहते हैं। शिक्षा को महत्व देने वाले बिरेंद्र देशमुख कई स्कूलों को भी दान दे चुके हैं। इनमें प्रमुख रूप से भंडेरा (बालोद ) में आगजनी के बाद पीड़ित परिवार को एक लाख, निकुम (दुर्ग ) में एक यादव परिवार को 25 हजार, जगन्नाथपुर में एक पीड़ित पत्रकार (बालोद ) को 25 हजार, मौरीकला (धमतरी )में पीड़ित साहू परिवार को 51 हजार चारवाही ( बालोद)में एक गरीब बालिका को शिक्षा के लिए 51 हजार का सहयोग, इसी तरह पुर्दा (दुर्ग )स्कूल में रूम बनाने 8 लाख बेलोदी स्कूल में मंच के लिए टीन शेड आदि के लिए सहयोग राशि दे चुके हैं। इसके अलावा समाज सेवा में अग्रणी रहने के कारण अखिल भारतीय परंपरागत वैध महासंघ का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया है।

मानवता ही सच्चा मानव धर्म

गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख का कहना है कि मानव जन्म लिए हैं तो मानवता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस तरह के परिवार को हम थोड़ी सी भी मदद दे देते हैं तो उनके लिए सहारा का काम करता है। प्रत्येक व्यक्ति को इस तरह सेवा कार्य के लिए आगे आना चाहिए और जो भी सहयोग बन सके करना चाहिए। गुरुदेव ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से जैसे ही ऐसी किसी घटना की जानकारी मिलती है तो मैं हमेशा पीड़ित परिवार तक पहुंचने की कोशिश करता हूं।

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