आय से 1049 गुना अधिक संपत्ति रखने वाले क्लर्क को 4 साल की सजा, ACB की कार्रवाई के बाद कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

 अंबिकापुर : कलेक्ट्रेट में पदस्थ रहे क्लर्क ऋषि सिंह को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। साथ ही उनकी जमानत भी निरस्त कर दी गई।

ACB की जांच में सामने आई चौंकाने वाली संपत्ति

यह मामला वर्ष 2013 का है, जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने ऋषि सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर 18 जून को अंबिकापुर के केदारपुर स्थित उनके घर पर छापेमार कार्रवाई की थी। जांच के दौरान अधिकारियों को करीब 14 लाख 12 हजार रुपये नकद, लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले थे।

वैध आय के मुकाबले 1049 गुना अधिक मिली संपत्ति

जांच में सामने आया कि आरोपी के पास मौजूद कुल संपत्ति उनकी वैध आय की तुलना में 1049 गुना अधिक थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने वित्तीय दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच पूरी कर वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था।

संपत्ति का वैध स्रोत साबित नहीं कर सके आरोपी

सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को अपनी संपत्ति का वैध स्रोत बताने का अवसर दिया, लेकिन वह अपनी आय और संपत्ति के बीच मौजूद भारी अंतर का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय ने उन्हें दोषी करार देते हुए चार वर्ष की सजा सुनाई।

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