UP Election 2027: यूपी में सीट बंटवारे को लेकर बढ़ी हलचल, कांग्रेस की बढ़ सकती है हिस्सेदारी; इन इलाकों पर रहेगी खास नजर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर हो रही है। मौजूदा राजनीतिक संकेतों के आधार पर दोनों दलों के साथ आने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम तस्वीर औपचारिक बातचीत और सीटों के समझौते के बाद ही स्पष्ट होगी।बताया जा रहा है कि दोनों दल जल्द ही सीटों को लेकर चर्चा शुरू कर सकते हैं। कांग्रेस इस बार पिछली तुलना में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में नजर आ रही है। पार्टी स्तर पर करीब 120 सीटों को लेकर तैयारी और आकलन किए जाने की बात सामने आ रही है।

कांग्रेस की नजर करीब 115 सीटों पर

राजनीतिक समीकरण कांग्रेस के पक्ष में रहे तो पार्टी गठबंधन में करीब 115 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। पार्टी ने संभावित सीटों को लेकर सर्वे और स्थानीय नेताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।हालांकि, अंतिम संख्या इस बात पर निर्भर करेगी कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच चुनाव से पहले किस तरह का तालमेल बनता है और दोनों दल किन सीटों को अपने लिए मजबूत मानते हैं।

इस बार कांग्रेस क्यों बढ़ाना चाहती है दावेदारी?

कांग्रेस का आकलन है कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर पिछले विधानसभा चुनावों की तुलना में बदल चुकी है। पार्टी नेताओं के मुताबिक राहुल गांधी की सक्रियता और जनता के बीच उनकी पहुंच में पहले की तुलना में बदलाव आया है।भारत जोड़ो यात्रा सहित विभिन्न राजनीतिक अभियानों के जरिए कांग्रेस ने संगठन और मतदाताओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने का प्रयास किया है। पार्टी को उम्मीद है कि इसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव में दिखाई दे सकता है।

गठबंधन से किन सामाजिक समीकरणों पर नजर?

कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी के साथ मजबूत तालमेल होने पर दोनों दल अलग-अलग सामाजिक समूहों के समर्थन को एक साथ लाने की कोशिश कर सकते हैं। कांग्रेस की नजर दलित, मुस्लिम और गैर-यादव ओबीसी मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर भी है।पार्टी नेताओं का तर्क है कि पिछली बार की तुलना में कांग्रेस की राष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में सुधार हुआ है। इसी आधार पर वह सीट बंटवारे में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर सकती है।

पश्चिमी यूपी से लेकर वाराणसी तक रणनीति

संभावित सीट बंटवारे में कांग्रेस उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दे सकती है, जहां समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा और आगरा जैसे क्षेत्रों की कुछ सीटों पर कांग्रेस की दावेदारी की चर्चा है।इन इलाकों में लंबे समय से भाजपा का मजबूत प्रभाव रहा है। इसके अलावा वाराणसी और उसके आसपास के क्षेत्रों की कुछ सीटें भी कांग्रेस के संभावित हिस्से में आ सकती हैं।

असली तस्वीर सीटों की बातचीत के बाद आएगी

फिलहाल कांग्रेस और सपा के बीच सीटों को लेकर अंतिम समझौता नहीं हुआ है। इसलिए संभावित 115 या 120 सीटों का आंकड़ा अभी राजनीतिक तैयारी और आकलन के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच बातचीत शुरू होने के बाद यह साफ होगा कि गठबंधन का स्वरूप क्या रहेगा, कौन सा दल किन क्षेत्रों में मैदान में उतरेगा और 2027 के चुनाव में विपक्षी गठबंधन भाजपा के सामने किस रणनीति के साथ उतरता है।

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