
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन नजदीक आने के साथ ही समर्थन मूल्य को लेकर किसानों की मांग तेज हो गई है। भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर राज्य में धान खरीदी की दर बढ़ाकर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है। संघ का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए। संगठन ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान लंबित धान बोनस की राशि जारी करने की मांग भी उठाई है।
धान की कीमत में 258 रुपये बढ़ोतरी की मांग
भारतीय किसान संघ के अनुसार, वर्तमान में राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। संघ का तर्क है कि केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 258 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है, लेकिन इसका लाभ राज्य में किसानों को नहीं मिला है।इसी आधार पर किसान संघ ने मौजूदा दर में 258 रुपये जोड़कर 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत निर्धारित करने की मांग की है। संगठन के नेताओं का कहना है कि खाद, बीज, डीजल, सिंचाई और मजदूरी सहित खेती से जुड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में धान की कीमत में बढ़ोतरी से किसानों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
1,700 करोड़ रुपये का बकाया बोनस जारी करने की मांग
धान खरीदी की दर बढ़ाने के साथ ही किसान संघ ने करीब 1,700 करोड़ रुपये के कथित बकाया धान बोनस का मुद्दा भी उठाया है। संघ का कहना है कि यह राशि किसानों का हक है और इसे लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।संगठन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि किसानों को उनका बकाया बोनस जल्द जारी किया जाए। संघ के मुताबिक, धान की कीमत में उचित बढ़ोतरी और लंबित बोनस का भुगतान किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।
27 अक्टूबर को मंत्रालय घेरने की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 27 अक्टूबर को रायपुर में मंत्रालय का घेराव किया जाएगा।संघ का दावा है कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों किसान शामिल होंगे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि धान की कीमत बढ़ाने और बकाया बोनस जारी कराने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव बोले- किसानों के हित में काम कर रही सरकार
किसानों की मांगों के बीच उपमुख्यमंत्री अरुण साव का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान की सबसे अधिक कीमत दे रही है और सरकार लगातार उनके हितों के लिए काम कर रही है।साव ने यह भी कहा कि सरकार धान के साथ दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य खेती में विविधता लाना और किसानों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार करना है।फिलहाल धान खरीदी की दर बढ़ाने और बकाया बोनस जारी करने को लेकर किसान संघ की मांगों पर राज्य सरकार के अगले कदम का इंतजार है।








