जशपुर से रायपुर का सफर होगा आसान, भारतमाला कॉरिडोर से घट सकता है यात्रा का समय

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में भारतमाला परियोजना को अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के बनने से जशपुर का रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर, कोरबा और झारखंड से संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी और व्यापार, कृषि तथा पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

14 घंटे के सफर को कम करने की तैयारी

वर्तमान में जशपुर से रायपुर पहुंचने में यात्रियों को करीब 14 घंटे तक लगने की बात कही जाती है। कॉरिडोर तैयार होने के बाद यात्रा का समय कम करने का लक्ष्य है। परियोजना से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, सफर को करीब 8 से 9 घंटे तक लाने की संभावना जताई गई है। कुछ आकलनों में यात्रा का समय 5 से 6 घंटे तक होने की उम्मीद भी व्यक्त की गई है। हालांकि, वास्तविक समय सड़क के अंतिम मार्ग, उसकी स्थिति और यात्रा की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

707 किलोमीटर के कॉरिडोर में जशपुर की अहम भूमिका

भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 707 किलोमीटर बताई गई है। इसमें लगभग 104 किलोमीटर हिस्सा जशपुर जिले से होकर गुजरने की जानकारी दी गई है। इस मार्ग से रायपुर और धनबाद के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।कॉरिडोर से पत्थलगांव, जशपुर और आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से केंद्र सरकार की इस परियोजना को आगे बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है।

खेती, व्यापार और पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा

बेहतर सड़क संपर्क का सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने की उम्मीद है। किसानों के लिए अपनी उपज को मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान हो सकता है। वहीं, व्यापारियों को सामान के परिवहन में सुविधा मिलने से कारोबार की लागत और समय कम करने में मदद मिल सकती है।इसके अलावा, इलाज, उच्च शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए बड़े शहरों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से जशपुर के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच बेहतर होने और स्थानीय कारोबार को नए अवसर मिलने की संभावना है।

रेल और सड़क परियोजनाओं से विकास को मिलेगी रफ्तार

जशपुर जिले में सड़क संपर्क सुधारने के साथ अन्य परिवहन परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कटनी-गुमला राष्ट्रीय राजमार्ग का काम आगे बढ़ने से क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं, लोहरदगा से धरमजयगढ़ तक रेल लाइन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने की जानकारी से जिले में रेल सुविधा की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ी है।इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और राज्य राजमार्गों से जुड़े कार्य भी क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।कुल मिलाकर, भारतमाला कॉरिडोर और अन्य परिवहन परियोजनाएं जशपुर के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने, सड़क की गुणवत्ता और यातायात सुविधाओं के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।

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