
रायपुर। महिलाओं की शिकायतों के निराकरण और उन्हें न्याय पाने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग 28 और 29 अक्टूबर को दो दिवसीय महा-जनसुनवाई आयोजित करेगा। आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में होने वाली इस पहल के माध्यम से महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर सुनवाई कर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
दो दिनों में 97 प्रकरणों की सुनवाई
राजधानी रायपुर स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में जनसुनवाई सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 28 अक्टूबर को 50 और 29 अक्टूबर को 47 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इस तरह दोनों दिनों में कुल 97 प्रकरणों पर विचार किया जाएगा।
महिलाओं की समस्याओं को मिलेगा मंच
घरेलू विवाद, पारिवारिक प्रताड़ना, वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों और अन्य प्रकार के उत्पीड़न की शिकायतों से जूझ रही महिलाओं के लिए यह जनसुनवाई महत्वपूर्ण अवसर है। इसके माध्यम से शिकायतकर्ता अपनी समस्याएं आयोग के समक्ष रख सकेंगी। सुनवाई के दौरान संबंधित मामलों को समझने और उनके निराकरण की दिशा में उचित कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारों की रक्षा और न्याय तक पहुंच पर जोर
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समान अधिकार सुनिश्चित करना एक संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनके समाधान के लिए संस्थागत स्तर पर प्रयास करना महिलाओं का भरोसा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करना आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल महिलाओं को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने के साथ सुरक्षित, समानतापूर्ण और सशक्त समाज के निर्माण में भी सहायक होगी।








