राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में रबी सीजन को लेकर हुआ मंथन
नई दिल्ली में हुए राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में देश के अलग अलग राज्यों के कृषि मंत्री और अधिकारी शामिल हुए। बैठक में आने वाले रबी सीजन की तैयारियों के साथ कृषि योजनाओं को किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर चर्चा हुई।बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्यों में चल रही योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करना रहा।
दलहन और तिलहन की खेती बढ़ाने पर रहेगा फोकस
केंद्र सरकार की ओर से दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। देश को इन फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों को खेती का रकबा बढ़ाने और किसानों को बेहतर कृषि संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने को कहा गया है।छत्तीसगढ़ में भी दलहन और तिलहन की खेती के विस्तार की अच्छी संभावनाएं हैं। ऐसे में केंद्र से मिली 182 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल इन क्षेत्रों को मजबूत करने, किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने में किया जाएगा।
रबी की तैयारी में किसानों को मिल सकती है मदद
रबी सीजन शुरू होने से पहले मिली यह राशि राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए खाद और बीज की उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था तथा फसल उत्पादन से जुड़ी तैयारियों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्र से मिले सहयोग को राज्य के किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इस राशि से कृषि क्षेत्र से जुड़े कई जरूरी कामों को गति देने की उम्मीद है।
दो प्रमुख अभियानों को भी मिलेगी मजबूती
केंद्र से मिली राशि का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे दो प्रमुख अभियानों को मजबूत करने में किया जाएगा। इनमें विकसित संकल्प अभियान और खेत बचाओ अभियान शामिल हैं।इन अभियानों के जरिए कृषि क्षेत्र में जरूरी गतिविधियों को आगे बढ़ाने और किसानों को खेती से जुड़े बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। आने वाले रबी सीजन में इन योजनाओं के जरिए राज्य के किसानों को कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, यह इनके जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।