CG EOW Action: गरीबों के आवास के 79 लाख रुपये गबन मामले में बड़ा एक्शन, कियोस्क संचालक के खिलाफ 3000 पेज का चालान पेश

कोरबा। गरीबों के लिए जारी इंदिरा आवास योजना की राशि में करोड़ों की नहीं, लेकिन लाखों की बड़ी वित्तीय अनियमितता के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच पूरी होने के बाद 79 लाख रुपये के गबन के आरोपी कियोस्क संचालक के खिलाफ विशेष अदालत में करीब 3000 पन्नों का अभियोग पत्र दाखिल किया गया है।

बैंक कर्मचारी की आईडी का दुरुपयोग कर निकाली राशि

ईओडब्ल्यू के अनुसार आरोपी गौरव शुक्ला, निवासी नंदबाग रूमगरा, जिला कोरबा, बैंक ऑफ इंडिया की कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। जांच में सामने आया कि उसने इंदिरा आवास योजना के उन लाभार्थियों के बैंक खातों को निशाना बनाया, जो लंबे समय से निष्क्रिय पड़े थे।आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग कर इन खातों को दोबारा सक्रिय किया गया। इसके बाद लाभार्थियों के आधार नंबर हटाकर उनकी जगह आरोपी, उसके पिता, माता, पत्नी और पुत्र के आधार नंबर लिंक कर दिए गए।

AEPS के जरिए सीधे अपने खातों में पहुंचाई रकम

जांच में यह भी सामने आया कि आधार आधारित भुगतान प्रणाली AEPS का इस्तेमाल करते हुए आरोपी ने बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से लाभार्थियों की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। इस तरीके से गरीबों के आवास के लिए जारी करीब 79 लाख रुपये का गबन किया गया।

सॉफ्टवेयर की खामियों का भी उठाया फायदा

ईओडब्ल्यू की विवेचना में खुलासा हुआ कि वर्ष 2017 में बैंक के Finacle सॉफ्टवेयर में मौजूद कुछ तकनीकी कमजोरियों का आरोपी ने फायदा उठाया। उस समय बिना आधार सत्यापन के भी कुछ लेनदेन संभव थे और सिस्टम में ऑटो लॉगआउट की सुविधा भी नहीं थी।जांच में पाया गया कि आरोपी ने इन कमियों का लाभ उठाकर बैंक कर्मचारियों के सिस्टम का उपयोग किया और उनकी अनुपस्थिति के दौरान निष्क्रिय खातों को सक्रिय कर दिया।

426 खातों में की गईं 620 संदिग्ध प्रविष्टियां

जांच एजेंसी के मुताबिक कुल 9 स्टाफ यूजर आईडी का उपयोग करते हुए 426 खातों में 620 आधार सीडिंग संबंधी प्रविष्टियां दर्ज की गईं। इनमें अधिकांश मामलों में आधार दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। कुछ एंट्री Finacle सिस्टम और कियोस्क ऑपरेटर आईडी के माध्यम से भी दर्ज होने की पुष्टि हुई है।

2010-11 की योजना राशि को 2017 में किया गबन

विवेचना में सामने आया कि इंदिरा आवास योजना के तहत वर्ष 2010-11 में कोरबा जिले के विभिन्न गांवों के हितग्राहियों के खातों में भेजी गई राशि को वर्ष 2017 में फर्जी तरीके से आरोपी के खातों में स्थानांतरित किया गया। इससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब लाभार्थियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा।

इन धाराओं में पेश हुआ चालान

ईओडब्ल्यू ने आरोपी गौरव शुक्ला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 421, 409, 120 बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संशोधित धाराओं 7(सी) और 13(1)(ए) के तहत विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, कोरबा में करीब 3000 पन्नों का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

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