सायबर पंजीयन कार्यालय से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवाचार सुशासन के संकल्प की सिद्धि का प्रमाण
संपदा 2.0 को मिला है वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता, नवाचार और जनकल्याण को प्रोत्साहन दे रही है। पंजीयन विभाग के सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ इसी संकल्प की सिद्धि का प्रमाण है। संपदा-1.0 और संपदा 2.0 के बाद प्रदेश में सायबर पंजीयन की प्रक्रिया का आरंभ होना तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है। मध्यप्रदेश तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश भारत का पहला राज्य है, जिसने डिजिटल क्रांति के माध्यम से लोन, मुख्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर आफ अटार्नी, पार्टनरशिप डीड जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए सायबर पंजीयन प्रारंभ किया है। राज्य सरकार के इस नवाचार से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह नई पीढ़ी के लिए पर्यावरण और पारदर्शिता के मामले में महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को पंजीयन भवन में सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ करने के बाद ये विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब शासन और उसके उपक्रमों के अंतरण दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पूरे होंगे। हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के अंतरण के लिए जनता को पंजीयन कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वीडियो केवायसी सहित सभी कार्य होंगे, इससे धन और समय दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि संपदा 2.0 के नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिला है। अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। राज्य सरकार ने 55 जिलों में सायबर तहसील परियोजना को लागू किया है, जिसमें राजस्व बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया भी संपदा 2.0 से हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अधिकारी सायबर पंजीयन सुविधा के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य पूरे करें।

उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में दस्तावेजों के पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 लागू किया। इससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं। कई दस्तावेज तो ऐसे हैं जिनके लिए उप-पंजीयक कार्यालय भी नहीं आना पड़ता है। सबसे पहले गुना,हरदा, रतलाम और डिण्डौरी जिलों में नए ई-पंजीयन और ई- स्थम्पिंग सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। प्रदेश के नवाचारों को देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जारी इन नवाचारों का लाभ प्रदेश के नागरिकों को मिल रहा हैं। पंजीयन से जुड़े कार्यों को त्रूटि रहित पूरा करने के लिए प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री अमित राठौर, प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र सिंह, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक श्री अमित तोमर उपस्थित रहे। कार्यक्रम से जिलों के अधिकारी, बैंककर्मी और लाभार्थी वर्चुअली जुड़े।

  • Related Posts

    धनतेरस की खरीदारी के लिए ये 5 बाजार है खास, सस्ते दाम में मिलेंगे बर्तन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान तक

    भोपाल: धनतेरस के मौके पर बाजारों में खरीदारी की रौनक देखते ही बनती है। दीपावली से पहले ही लोग घरों के लिए नए सामान जुटाने लगते है, लेकिन धनतेरस पर…

    Read more

    MP Rajya Sabha By-Election: हरदीप सिंह पुरी के सामने निर्दलीय राजकुमार लोहानी मैदान में, कांग्रेस ने दिया समर्थन

     भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार…

    Read more