
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा, जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य सरकार के भावी लक्ष्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी। एशियन न्यूज की ओर से आयोजित ‘जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और देश में आए बदलावों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में बनाई मजबूत पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के मामले में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय भूकंप से प्रभावित राज्य के पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती थी। उनके नेतृत्व में गुजरात ने मुश्किल परिस्थितियों से उबरकर विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने देशभर में विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया।
छत्तीसगढ़ से प्रधानमंत्री का आत्मीय संबंध, जनसेवा को बताया प्रमुख प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों और बस्तर के जनजीवन को करीब से समझा है। साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में उन्हें केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ लोगों को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र विकास की प्रक्रिया में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है।
सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से भारत की सुरक्षा क्षमता का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने यह स्पष्ट किया कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है।
उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, देश में विकसित टीकों ने करोड़ों नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की और दूसरे देशों को भी सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं की इसी भावना से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।
बस्तर में शांति की बहाली के साथ सड़क, बिजली और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में शामिल रहा। जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक हुई थी। इसके बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के साहस से इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। अब उन क्षेत्रों में भी विकास की योजनाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना कठिन था।
सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के विस्तार से स्थानीय नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बस्तर को शांति, विश्वास और विकास का उदाहरण बनाना है, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर मिल सकें।
खनिज संपदा और औद्योगिक संभावनाओं के सहारे विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्राकृतिक संपदा से समृद्ध इस राज्य में कोयला, लौह अयस्क और टिन जैसे प्रमुख खनिजों के बड़े भंडार हैं। इसके अतिरिक्त हीरा और सोना जैसे खनिजों की संभावनाएं भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उद्योगों का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में खनिज राजस्व में वृद्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी कामकाज में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि राजस्व व्यवस्था बेहतर हो और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उपजाऊ भूमि, प्राकृतिक संसाधन और मेहनती नागरिक विकास के प्रमुख आधार हैं। इन क्षमताओं के बल पर छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और स्वरोजगार का सहारा
मुख्यमंत्री साय ने महिला सशक्तीकरण को राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है। योजना की 32वीं किस्त दुर्ग से जारी किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के दौरे के दौरान महिलाओं से बातचीत में योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और बचत के लिए कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने पैसे जोड़कर सिलाई मशीन जैसे उपकरण खरीदे हैं, जिनसे उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। वहीं कुछ परिवारों ने बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आत्मसम्मान को मजबूत करने में सहयोग देना भी है।
धान खरीदी, कृषि ऋण और सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। सरकार बनने के बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस भी दिया गया। सिंचाई सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
साय ने कहा कि सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। खेती के लिए उन्नत बीज, खाद और दूसरी जरूरी सामग्री समय पर उपलब्ध कराने के प्रयास भी जारी हैं। सरकार चाहती है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और कृषि राज्य की प्रगति में अधिक प्रभावी योगदान दे।
18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की मंजूरी से गरीब परिवारों को पक्के घर की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। पक्के मकान, शौचालय और रसोई गैस जैसी सुविधाओं ने लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया था। वर्तमान में प्रदेश में रोजाना करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। सुशासन और पारदर्शिता के माध्यम से योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता संजू देवी सहित प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित लोगों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां और एशियन न्यूज के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जनकल्याण, पारदर्शिता और विकास से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री के संबोधन में राज्य सरकार की उन प्राथमिकताओं को प्रमुखता मिली, जिनके माध्यम से छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से मजबूत और विकसित बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बस्तर में विकास का विस्तार, महिलाओं को आर्थिक संबल, किसानों की समृद्धि, गरीबों के लिए आवास और खनिज संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सरकार की कार्ययोजना के प्रमुख हिस्से हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार के सहयोग, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर तथा समृद्ध बनाने का प्रयास जारी रहेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य बने।








