नीट में सफलता नहीं मिलने से छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम, रायपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी

जगदलपुर। बस्तर संभाग के जगदलपुर में नीट परीक्षा में लगातार असफलता से परेशान एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। वहीं, राजधानी रायपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। दोनों घटनाओं में पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीन बार नीट देने के बाद भी नहीं मिली सफलता, छात्रा ने गंवाई जान

बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा निवासी 20 वर्षीय सुरला हरिका राव नायडू पिछले तीन वर्षों से नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह लगातार तीसरी बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हुई थी, लेकिन इस बार भी चयन नहीं हो पाया।पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात नीट का परिणाम जारी हुआ था। छात्रा ने परिवार के साथ खाना खाने के बाद देर रात तक जागकर अपना रिजल्ट लैपटॉप में देखा। इसके बाद परिजन अपने कमरे में सोने चले गए।रात करीब साढ़े तीन बजे जब छात्रा की मां उसे देखने कमरे में पहुंची तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। छात्रा फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।बोधघाट पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।

रायपुर में एक ही परिवार के पांच शव मिलने से मचा हड़कंप

दूसरी ओर, राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित मदनी चौक में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि परिवार के मुखिया ने पहले पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ दिया और इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने अभी इस मामले में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।

दरवाजा अंदर से बंद था, खोलने पर सामने आया पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, यह परिवार पिछले करीब डेढ़ साल से संजय नगर स्थित किराए के मकान में रह रहा था। शुक्रवार को पूरे दिन घर में किसी तरह की हलचल नहीं दिखाई दी। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पड़ोसियों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो घर के अंदर पांच लोगों के शव मिले। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय सैय्यद साजिद अली, उनकी पत्नी राबिया बानो, बेटे सैय्यद इरशाद अली (20), बेटी शाहिदा (15) और इरशाबा परवीन (12) के रूप में हुई है।

पति का शव फंदे पर मिला, पत्नी और बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे

पुलिस के अनुसार, साजिद अली का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला, जबकि उनकी पत्नी और तीनों बच्चों के शव कमरे में बिस्तर पर पड़े थे। पुलिस ने बताया कि चारों मृतकों के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताई जा रही है।

आर्थिक परेशानी और कर्ज के एंगल से भी जांच कर रही पुलिस

प्रारंभिक जांच में परिवार के आर्थिक संकट और कर्ज से जुड़ी जानकारी सामने आई है। घरेलू विवाद की बात भी जांच के दायरे में रखी गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम पुष्टि नहीं की है।बताया जा रहा है कि साजिद अली मौदहापारा क्षेत्र में बैटरी रिपेयरिंग का काम करते थे। पड़ोसियों के मुताबिक परिवार शांत स्वभाव का था और ज्यादा लोगों से मेलजोल नहीं रखता था।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।पश्चिम जोन के एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। एक शव फंदे पर और चार शव जमीन पर मिले हैं। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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