बेटी के सम्मान में जलने लगे पांच दीप, ‘बेटी है तो कल है’ अभियान को मिल रहा प्रदेशभर में समर्थन

 

स्कूलों से लेकर गांवों तक पहुंचा संदेश, महिला कमांडो ने भी की सहभागिता की अपील; बेटियों के नाम रंगोली सजाकर दीप जलाने की पहल

 

बालोद। बेटियों के सम्मान और समानता का संदेश देने के लिए शुरू किया गया ‘बेटी है तो कल है’ अभियान अब जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ने लगा है। बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर से शुरू हुई इस पहल को स्कूलों और विभिन्न गांवों में समर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत बेटियों के नाम पांच-पांच दीप जलाकर समाज में बेटी-बेटा के बीच भेदभाव मिटाने का संदेश दिया जा रहा है।

जगन्नाथपुर निवासी दीपक यादव की बेटी वैष्णवी यादव इस अभियान की प्रेरणास्रोत हैं। उनके परिवार ने वर्ष 2019 से बेटियों के सम्मान में दीप जलाने की पहल शुरू की थी। अब इस संदेश को बालोद जिले के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

स्कूलों से घरों तक पहुंच रहा सम्मान का संदेश

 

अभियान के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को बेटियों के सम्मान और समानता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे लक्ष्मी पूजा के दिन अपने घरों के आंगन में ‘बेटी है तो कल है’ लिखकर रंगोली सजाएं और पांच दीपक बेटियों के नाम से जलाएं।

इस पहल का उद्देश्य केवल दीप जलाना नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना है। हर बेटी को समान अवसर, प्यार और सम्मान मिले, यही अभियान का मूल संदेश है।

 

महिला कमांडो ने भी की सहभागिता की अपील

 

महिला कमांडो छत्तीसगढ़ की प्रणेता पद्मश्री शमशाद बेगम ने सर्व महिला कमांडो से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी महिला कमांडो बहनें लक्ष्मी पूजा के दिन अपने घरों के सामने ‘बेटी है तो कल है’ का संदेश लिखकर रंगोली सजाएं और अपनी बेटियों के नाम पांच-पांच दीपक जलाएं।

 

उन्होंने गांवों में जिन परिवारों के यहां बेटियां हैं, उन्हें भी इस पहल से जोड़ने और आयोजन की तस्वीरें साझा करने का आग्रह किया है। महिला कमांडो की यह पहल अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

तस्वीरों को मिलेगा प्रदेशभर में मंच

 

अभियान में शामिल परिवारों, स्कूलों और महिला कमांडो द्वारा भेजी गई चुनिंदा तस्वीरें दर्शन बालोद मासिक पत्रिका के दीपावली विशेषांक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित की जाएंगी। इससे बेटियों के सम्मान में उठाए गए छोटे-छोटे कदमों को पहचान मिलेगी और अन्य परिवार भी प्रेरित होंगे।

 

दर्शन बालोद के प्रधान संपादक दीपक यादव ने कहा कि समाज से बेटी-बेटा के बीच भेदभाव दूर करने के लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस दीपावली बेटियों के सम्मान में पांच दीप जलाकर समानता और संवेदनशीलता का संदेश दें।

 

अभियान से जुड़ने और अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9755235270 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

आइए, इस दीपावली पांच दीप बेटियों के नाम जलाएं और ऐसा समाज बनाएं, जहां हर बेटी गर्व से कह सके—मैं भी इस दुनिया का उजाला हूं।

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