
मुंगेली। सरकारी दफ्तरों मे काम मे देरी को लेकर अक्सर नोटिस या चेतावनी जारी की जाती है, लेकिन मुंगेली जिले मे अब लापरवाही की कीमत अर्थदंड के रूप मे चुकानी पड़ रही है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने समय सीमा मे काम पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाने की व्यवस्था शुरू की है।इस पहल का मकसद सरकारी कामकाज मे तेजी लाना और आम लोगों से जुड़ी शिकायतों व आवेदनों का तय समय मे निराकरण सुनिश्चित करना है।
जनसेवा मे देरी पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर के अनुसार, शासन स्तर से जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लोगों की मांगों और शिकायतों का समय सीमा के भीतर निराकरण किया जाए। खास तौर पर सिटीजन चार्टर और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आने वाले मामलों मे देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।नई व्यवस्था के तहत यदि कोई अधिकारी अपने जिम्मे का काम तय समय पर पूरा नहीं करता या लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ अर्थदंड लगाया जाएगा।
दो से तीन विभागों के अफसरों पर लगा जुर्माना
मुंगेली मे इस व्यवस्था को लागू भी किया जा चुका है। हाल ही मे दो से तीन विभागों के अधिकारियों के काम समय पर पूरे नहीं हुए। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया।प्रशासन का संदेश साफ है कि सरकारी काम मे अनावश्यक देरी को केवल औपचारिक चेतावनी देकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जब कलेक्टर की अपनी फाइलें हुईं लेट
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि कलेक्टर ने नियम को खुद पर भी लागू किया। अमृत विकास तोपनो ने बताया कि मुंगेली मे पदभार संभालने के दौरान उनके कार्यालय से जुड़ी तीन फाइलें तय समय मे पूरी नहीं हो पाई थीं।उन्होंने नियम का पालन करते हुए खुद भी अर्थदंड जमा किया। इसके जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि समय सीमा और जवाबदेही का नियम किसी एक अधिकारी या विभाग तक सीमित नहीं है।
कहा- सेवा मे कोई बड़ा या छोटा नहीं
कलेक्टर ने कहा कि सरकारी सेवा मे जिम्मेदारी सभी की है और नियम भी सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। अधिकारी हो या कर्मचारी, तय समय मे काम पूरा करना जरूरी है।इस पहल के जरिए प्रशासनिक व्यवस्था मे जवाबदेही बढ़ाने और आम लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।







