स्मार्ट क्लास पर लापरवाही पड़ी भारी, कलेक्टर ने स्कूल पहुंचते ही लगाई कड़ी फटकार, बच्चों को दिए सफलता के खास मंत्र

 

 

औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास बंद मिलने पर जताई नाराजगी

सारंगढ़ बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सारंगढ़ विकासखंड के हाईस्कूल छिंद का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महतारी सदन के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। स्कूल की विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण करते समय स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब लंबे समय से उपयोग में नहीं होने की स्थिति सामने आई। कंप्यूटर धूल से भरे कपड़ों से ढके मिले, जिस पर कलेक्टर ने प्रभारी शिक्षक को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्कूल खुलने के कई दिन बाद भी यदि स्मार्ट क्लास शुरू नहीं हो पाई है तो यह गंभीर लापरवाही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सभी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां समय पर शुरू नहीं की गईं तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्राचार्य और लैब प्रभारी से भी मांगा जवाब

कलेक्टर ने कंप्यूटर क्लास संचालित नहीं होने पर प्राचार्य से भी जवाब तलब किया। वहीं लैब प्रभारी को भी व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सरपंच को स्कूल में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई की निगरानी करने की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।

बच्चों को स्वच्छता का दिया संदेश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों को गीले और सूखे कचरे को घर में अलग-अलग रखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर परिवार को स्वच्छता की इस व्यवस्था को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। इस अवसर पर छात्रा पुष्पा साहू और छात्र शौर्य डहरिया ने गीले एवं सूखे कचरे के प्रबंधन पर अपनी जानकारी भी साझा की।

सफलता का मंत्र बताया, घंटों नहीं गुणवत्ता वाली पढ़ाई जरूरी

स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सफलता केवल लंबे समय तक पढ़ने से नहीं मिलती, बल्कि यह समझना जरूरी है कि पढ़ा हुआ विषय कितना अच्छी तरह समझ में आया। उन्होंने छात्रों को नियमित अध्ययन करने और रोज अखबार पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी, ताकि सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं की बेहतर जानकारी मिल सके।

करियर चुनने में रुचि और कौशल को दें प्राथमिकता

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत बर्मन ने विद्यार्थियों को करियर के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि 11वीं और 12वीं का समय जीवन की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण दौर होता है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों की रुचि तकनीकी शिक्षा या कौशल विकास में है, वे आईटीआई और रोजगारमूलक पाठ्यक्रमों का चयन करें। इससे उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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