रायपुर : सुशासन की रफ्तार : सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजनों को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

रायपुर, 10 मई 2026

सुशासन की रफ्तार : सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजनों को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

सुशासन की रफ्तार : सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजनों को मिली नई दिशा, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ शासन का सुशासन तिहार अभियान अब जमीनी स्तर पर जनकल्याण की प्रभावी मिसाल बनता जा रहा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की पहल ने हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वर्ष 2023 से अब तक विभाग द्वारा 2 हजार से अधिक सहायक उपकरण—जिनमें मोटराइज्ड ट्राइसिकल, ट्राइसाइकिल सहित अन्य उपकरण शामिल हैं—जरूरतमंद हितग्राहियों को प्रदाय किए जा चुके हैं।

बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड के ग्राम नागपुरा निवासी 12वीं के छात्र श्री अनिल कुमार, जो 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, उनके लिए 12 किलोमीटर दूर स्कूल जाना बड़ी चुनौती थी। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में समस्या रखने पर उन्हें मौके पर ही मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई। अब वे बिना किसी सहारे के समय पर स्कूल पहुँचकर अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।

धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम सिवनीकला निवासी जीवन श्री लाल साहू, जो वर्षों से घुटनों के बल चलने को मजबूर थे, उन्हें सुशासन तिहार के शिविर में निःशुल्क ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। अब वे खेतों तक आसानी से पहुँचने के साथ सामाजिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके लिए यह उपकरण आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक बन गया है।

जशपुर जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम भुइयापानी निवासी श्री विनोद मिंज को भी जनसमस्या निवारण शिविर में मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई। इससे उनके आवागमन की समस्या दूर हुई है और वे अब दैनिक कार्यों के साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग ले पा रहे हैं। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं। समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्यवाही और प्रशासन की संवेदनशीलता ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। सहायक उपकरण वितरण की यह पहल न केवल सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी नई ऊँचाई दे रही है।

नई उम्मीद, नया विश्वास

श्री अनिल,  श्री जीवन लाल और श्री विनोद जैसे अनेक हितग्राही इस बात के प्रमाण हैं कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता और तत्परता से लागू होती हैं, तो जीवन की कठिन राहें भी आसान हो जाती हैं। सुशासन तिहार आज प्रदेश में उम्मीद, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई कहानी गढ़ रहा है।

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