MP Weather Update: मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर जारी, 37 जिलों में हीट वेव अलर्ट, किसानों की भी बढ़ी चिंता

मध्य प्रदेश में बारिश के बाद अब भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश का बड़ा हिस्सा तेज गर्म हवाओं और झुलसाने वाली धूप की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि कई जिलों में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि खंडवा सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 45.1 डिग्री तक पहुंच गया।

मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के 37 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इनमें 5 जिलों के लिए तेज हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है।

इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में तापमान और अधिक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

37 जिलों में हीट वेव का अलर्ट

प्रदेश के जिन जिलों में गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की गई है उनमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, विदिशा, रायसेन, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, सीहोर, मंदसौर, झाबुआ, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह और मंडला समेत कुल 37 जिले शामिल हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि इंदौर और उज्जैन संभाग में शनिवार को भी तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है।

भोपाल में रात को मिली थोड़ी राहत

राजधानी भोपाल में दिनभर तेज गर्मी और तपिश महसूस की गई, लेकिन रात के समय चली हवाओं ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी। हालांकि दिन में तेज धूप के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल बना रहा।

बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

एक तरफ प्रदेश के ज्यादातर हिस्से भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कटनी, डिंडौरी और उमरिया में शुक्रवार को बारिश और तेज हवाएं देखने को मिलीं। कटनी में ओलावृष्टि भी हुई।

उमरिया में बारिश के कारण खरीदी केंद्रों पर रखा गेहूं भीग गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को डर है कि अगर फिर बारिश हुई तो उनकी फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है।

हालांकि मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश में बारिश की संभावना से इनकार किया है।

कब मिलेगी गर्मी से राहत?

मौसम विभाग के अनुसार 18 मई तक प्रदेश में तेज गर्मी का असर बना रह सकता है। दूसरी ओर प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने लगी हैं।

बताया जा रहा है कि केरल में मानसून 26 जून तक पहुंच सकता है। बंगाल की ओर से आने वाली नमी भरी हवाओं के कारण मौसम में धीरे-धीरे बदलाव शुरू होगा। सामान्य तौर पर केरल में मानसून जून की शुरुआत में पहुंचता है, जिसके बाद उत्तर और मध्य भारत में भी मौसम बदलने लगता है।

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