
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सामने आए सनसनीखेज मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े पानी की टंकी में छिपाने और नकली नोट छापने वाले आरोपी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला बिलासपुर की विशेष एनआईए अदालत ने सुनाया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी की अदालत में हुई।
यह मामला साल 2023 का है। 2 मार्च 2023 को एंटी क्राइम यूनिट को उसलापुर स्थित गीतांजलि कॉलोनी फेस-1 में Fake Currency छापे जाने की सूचना मिली थी। पुलिस जब पवन सिंह ठाकुर के घर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। घर के पोर्च में रखी पानी की टंकी के अंदर टेप और पॉलीथिन में पैक महिला का शव मिला। शव पांच हिस्सों में कटा हुआ था।
जांच में शव की पहचान आरोपी की पत्नी सती साहू के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसे पत्नी के अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक में उसने हत्या की। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए बाजार से पानी की टंकी और कटर मशीन खरीदी। फिर शव के हाथ-पैर और धड़ काटकर अलग-अलग पैक कर दिए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नकली नोट छापने का काम भी करता था। उसके कब्जे से कलर प्रिंटर, कार्टिज, जेरॉक्स पेपर, नकली 200 और 500 रुपए के नोट समेत कई सामान जब्त किए गए। आरोपी ने बताया कि उसने रायगढ़ और जांजगीर के युवकों से नकली नोट बनाना सीखा था।
कोर्ट ने मामले को बेहद गंभीर और क्रूर बताया। अदालत ने कहा कि हत्या के बाद शव के टुकड़े करना और सबूत मिटाने की कोशिश समाज में डर पैदा करने वाला अपराध है। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास सुनाया। वहीं साक्ष्य मिटाने और नकली नोट रखने के मामले में भी पांच-पांच साल की सजा दी गई।
अदालत ने मृतका के दोनों नाबालिग बच्चों को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा देने की भी अनुशंसा की है।








