छत्तीसगढ़ में इबोला को लेकर बढ़ी सतर्कता: विदेश से लौटने वालों की होगी जांच, सिम्स में विशेष व्यवस्था

 बिलासपुर। इबोला वायरस को लेकर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। संक्रमण की आशंका को देखते हुए विदेश से लौटने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी और स्वास्थ्य जांच का निर्णय लिया गया है। इसके तहत बिलासपुर में विदेश से आने वाले लोगों का आरटी-पीसीआर परीक्षण कराया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के माध्यम से ही इस तरह के संक्रमण के फैलने की आशंका रहती है। इसलिए बाहरी देशों से लौटने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

एयरपोर्ट से लौटने वालों की होगी थर्मल स्क्रीनिंग

प्रशासन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विदेश यात्रा कर लौटने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही निजी और शासकीय अस्पतालों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर स्वास्थ्य संस्थानों में मास्क के उपयोग को अनिवार्य करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

इबोला नियंत्रण के लिए बनाई गई तीन स्तरीय व्यवस्था

संक्रमण की आशंका को रोकने के लिए प्रशासन ने तीन स्तर की निगरानी प्रणाली तैयार की है। रायपुर और आसपास के हवाई अड्डों से समन्वय स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का विवरण प्रतिदिन जिला महामारी नियंत्रण कक्ष को भेजा जा रहा है।

इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखी जाए।

अफ्रीकी देशों से लौटने वालों पर विशेष निगरानी

स्वास्थ्य विभाग विशेष रूप से उन लोगों की निगरानी कर रहा है जो हाल ही में अफ्रीकी देशों की यात्रा कर लौटे हैं। ऐसे यात्रियों को 21 दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रहने और आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी गई है।

सिम्स और जिला अस्पताल में तैयार किए गए आइसोलेशन वार्ड

संभावित मरीजों के उपचार के लिए बिलासपुर स्थित सिम्स में 10 बिस्तरों वाला विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। इसी तरह जिला अस्पताल में भी अलग से 10 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रहेगी तैनात

सिम्स प्रशासन के अनुसार अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध रहेगी, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। साथ ही माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रयोगशाला को भी उन्नत किया जा रहा है ताकि आवश्यक जांच और परीक्षण तेजी से किए जा सकें।

संक्रमण रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता और समय पर निगरानी बेहद जरूरी है। प्रशासन संक्रमण की रोकथाम और त्वरित उपचार के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित कर रहा है।

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