पोलियो मुक्त भारत के लिए हर बच्चे को जरूर पिलाएं पोलियो की खुराक: नम्रता सिंह

28 जून को विशेष अभियान, माता-पिता से बच्चों को बूथ तक लाने की अपील

रायपुर। पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को कायम रखने के लिए 28 जून को आयोजित होने वाले विशेष पल्स पोलियो अभियान में सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की खुराक पिलाने की अपील की गई है। उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह ने कहा कि भारत भले ही पोलियो मुक्त घोषित हो चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों में अब भी पोलियो वायरस के मामले सामने आते हैं। ऐसे में सतर्कता बनाए रखना और हर बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाना बेहद जरूरी है।

हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की खुराक

नम्रता सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखना ही नहीं, बल्कि हर बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन देना भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का नैतिक दायित्व है कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक जरूर पिलाएं और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

गांव से शहर तक बनाए गए पोलियो बूथ

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जगह-जगह पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, ताकि अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर पहुंचकर पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं।

29 और 30 जून को चलेगा घर-घर संपर्क अभियान

नम्रता सिंह ने बताया कि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे स्वास्थ्य टीम के घर आने का इंतजार करने के बजाय 28 जून को ही अपने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लेकर जाएं।

स्वस्थ भविष्य के लिए जागरूकता जरूरी

उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हर बच्चा गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रहे। उन्होंने सभी परिवारों से पोलियो उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने का भी आह्वान

नम्रता सिंह ने महिलाओं से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में भी भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता दोनों समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी हैं। उल्लेखनीय है कि उर्मिला फाउंडेशन स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहा है।

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