कैबिनेट में होने जा रहे बड़े फैसले, बिजली से लेकर उद्योग और शिक्षा तक कई मुद्दों पर लगेगी मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी। माना जा रहा है कि बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए जाएंगे।बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव मीडिया के सामने रखेंगे। इससे पहले 8 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में भी सरकार ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी थी, जिनका सीधा असर बिजली व्यवस्था, उद्योग, शिक्षा, व्यापार और प्रशासनिक सुधारों पर पड़ेगा।

बिजली भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव, आरबीआई के नियमों के अनुरूप होगी नई व्यवस्था

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को मंजूरी दी है।अब मौजूदा त्रिपक्षीय अनुबंध की जगह भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा निर्देशों के अनुसार डायरेक्ट डेबिट मैंडेट व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय विद्युत कंपनियों से बिजली आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और भुगतान प्रणाली अधिक सुरक्षित होगी।इस बदलाव से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। बिजली वितरण कंपनी पहले की तरह भुगतान प्रक्रिया जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर लेटर ऑफ क्रेडिट व्यवस्था भी लागू रहेगी।

बस्तर फाइटर्स सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल यानी बस्तर फाइटर्स के लिए बनाए गए भर्ती और सेवा शर्तों से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे बल की कार्यप्रणाली और सेवा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

निजी विश्वविद्यालयों के लिए बदले जाएंगे नियम, गुणवत्ता पर रहेगा जोर

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप को स्वीकृति दी है।नए प्रावधानों के तहत निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक बनाया जाएगा। विन्यास निधि की जगह रक्षित निधि की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।इसके अलावा विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं, पुस्तकालय और अन्य व्यवस्थाएं यूजीसी तथा संबंधित नियामक संस्थाओं के मानकों के अनुसार रखने का प्रावधान किया जाएगा।

वैट अधिकरण खत्म करने का रास्ता साफ, जीएसटी व्यवस्था के अनुसार होगा बदलाव

सरकार ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इसके तहत छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त करने का प्रस्ताव है।

जीएसटी लागू होने के बाद वैट से जुड़े मामलों में कमी आई है और जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना भी हो चुकी है। ऐसे में अलग वाणिज्यिक कर अधिकरण की जरूरत कम हो गई है।

अधिकरण में लंबित मामलों को राजस्व मंडल में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया आसान और प्रभावी हो सकेगी।

जीएसटी कानून में बदलाव से व्यापारियों और निर्यातकों को राहत

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दी है।

इस संशोधन का उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाना, अनुपालन प्रक्रिया को आसान करना और रिफंड प्रक्रिया को तेज करना है। खासतौर पर निर्यातकों और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर वाले उद्योगों को इसका लाभ मिलेगा।

सरकार का मानना है कि इससे कर प्रशासन मजबूत होगा और राजस्व वृद्धि में भी सहायता मिलेगी।

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बदले जाएंगे नियम

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दी है।इसका उद्देश्य राज्य में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करना और उद्योगों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। संशोधन तैयार करते समय देश के अन्य प्रमुख राज्यों की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन किया गया है।नई व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ करेगा नई पहल

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इस तरह का विधेयक लाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है।इसमें डीम्ड परमिशन, स्व प्रमाणन, तृतीय पक्ष सत्यापन, जोखिम आधारित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। साथ ही अनावश्यक लाइसेंसिंग प्रक्रिया को कम करने का प्रावधान किया गया है।इससे उद्योग लगाने की प्रक्रिया सरल होगी और निवेश तथा रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

नवा रायपुर में भूखंड धारकों को राहत, वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के भूखंडों और निर्मित परिसरों पर लगने वाले ब्याज और अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना 2026 को मंजूरी दी गई है।इस योजना से पात्र लोगों को बकाया राशि के नियमितीकरण और परियोजनाओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। साथ ही विवादों में कमी आएगी और भूमि का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

पर्यावरण कानूनों को आसान बनाने की दिशा में कदम

कैबिनेट ने जल प्रदूषण नियंत्रण संशोधन अधिनियम 2024 को छत्तीसगढ़ में लागू करने के लिए विधानसभा में संकल्प प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।इस बदलाव का उद्देश्य पर्यावरण कानूनों के पालन को सरल और प्रभावी बनाना है। छोटे उल्लंघनों के लिए आपराधिक कार्रवाई की जगह आर्थिक दंड की व्यवस्था की जाएगी।इससे व्यापारिक गतिविधियों को सुविधा मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा।

किरायेदारी कानून में बदलाव, मकान मालिक और किरायेदार दोनों को मिलेगी स्पष्ट व्यवस्था

सरकार ने छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दी है।इस संशोधन का उद्देश्य खाली मकानों को किराये पर देने को प्रोत्साहित करना और किरायेदारी विवादों का जल्द समाधान करना है।नए प्रावधानों में मकान मालिक और किरायेदार के अधिकार तथा जिम्मेदारियां स्पष्ट की जाएंगी। यह बदलाव भारत सरकार के आदर्श किरायेदारी अधिनियम 2021 के अनुरूप होगा।

राजनांदगांव में बनेगा 2000 सीट क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम

मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटन को मंजूरी दी है।इस परियोजना से क्षेत्र में सांस्कृतिक, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

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