बिलासपुर में दौड़ेंगी 50 एसी ई-बसें, जनता तय करेगी शहर के नए परिवहन मार्ग

 बिलासपुर  : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत शहर को 50 एयर कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है। इन बसों के संचालन के लिए डिपो, चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप जैसी जरूरी सुविधाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन की योजना है कि इसी साल दिसंबर तक ई-बसों की पहली खेप सड़कों पर उतार दी जाए।

पहले चरण में मिलेंगी 35 बसें, दूसरे चरण में आएंगी 15 और बसें

योजना के अनुसार बिलासपुर को कुल 50 ई-बसें मिलनी हैं। इनमें पहले चरण में 35 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा, जबकि बाद में 15 अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों के आने से शहर और आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

जनता के सुझावों से तय होंगे ई-बसों के रूट

ई-बसों के संचालन के लिए मार्ग निर्धारण को लेकर प्रशासन ने आम लोगों से सुझाव मांगने का फैसला किया है। बिलासपुर जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी ने शहरवासियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और नियमित यात्रियों से अपनी राय देने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक होगी और लोगों की जरूरत ज्यादा होगी, उन्हीं रूट्स को प्राथमिकता दी जाएगी।

ऐसे भेज सकते हैं अपना सुझाव

शहरवासी ई-बसों के संभावित रूट को लेकर अपनी राय ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके लिए bdupssbilaspur@gmail.com पर सुझाव भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम के विकास भवन स्थित अर्बन पब्लिक सर्विस सोसाइटी कार्यालय में जाकर भी सुझाव जमा किए जा सकते हैं।

कोनी में बन रहा आधुनिक ई-बस डिपो

ई-बसों के संचालन के लिए कोनी क्षेत्र में करीब 8 करोड़ रुपये की लागत से डिपो तैयार किया जा रहा है। यहां बसों की पार्किंग, रखरखाव और चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। डिपो में 14 चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाने की योजना है। निर्माण कार्य का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे संचालन के लिए तैयार किया जाएगा।

नगर निगम ने प्रस्तावित किए छह प्रमुख मार्ग

ई-बसों के लिए नगर निगम ने प्रारंभिक तौर पर छह रूट प्रस्तावित किए हैं। इनमें शहर के प्रमुख इलाकों के साथ आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने की योजना है।

रूट-1:
रेलवे स्टेशन से तात्यापारा चौक, पुराना हाई कोर्ट, गांधी चौक, दयालबंद, जगमल चौक, देवरी खुर्द, लाल खदान, दर्रीघाट, मस्तूरी और मल्हार तक।

रूट-2:
रेलवे स्टेशन से मंदिर चौक, महाराणा प्रताप चौक, तोरवा, हाईटेक बस स्टैंड, बोदरी, चकरभाठा, हिर्री और बिल्हा तक।

रूट-3:
रेलवे स्टेशन से मंदिर चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक, कोनी, केंद्रीय विश्वविद्यालय, सेंदरी, गतौरी, भरारी, रानीगांव, रतनपुर और खूंटाघाट तक।

रूट-4:
रेलवे स्टेशन से मंदिर चौक, नेहरू चौक, महामाया चौक, सुभाष चौक, नूतन चौक, राजकिशोर नगर, मोपका, सीपत, कौड़िया और लुतरा शरीफ तक।

रूट-5:
रेलवे स्टेशन से मंदिर चौक, नेहरू चौक, कलेक्ट्रेट, मुंगेली नाका चौक, मंगला नाका, उस्लापुर, सकरी, नेवरा, मोहनभाठा, पीपरतराई और कोटा तक।

रूट-6:
रेलवे स्टेशन से मंदिर चौक, नेहरू चौक, कलेक्ट्रेट, मुंगेली नाका चौक, मंगला नाका, उस्लापुर, सकरी, कानन पेंडारी, काठाकोनी और तखतपुर तक।

ई-बस सेवा से शहर के परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार

प्रशासन का मानना है कि ई-बस सेवा शुरू होने से शहर में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार होगा और लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। अब रूट तय करने में आम जनता की भागीदारी से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि बस सेवा वास्तविक जरूरत वाले क्षेत्रों तक पहुंच सके।

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