लोक निर्माण विभाग में अटैचमेंट पर सरकार सख्त, बिना अनुमति किए गए सभी आदेश रद्द, अधिकारियों को लौटना होगा मूल पद पर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक निर्माण विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के संलग्नीकरण यानी अटैचमेंट और अतिरिक्त प्रभार देने की व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाया है। विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि शासन की अनुमति के बिना किए गए सभी संलग्नीकरण और अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त माने जाएंगे।

इस आदेश के बाद ऐसे सभी अधिकारी और कर्मचारी, जिन्हें अस्थायी रूप से दूसरे कार्यालयों में तैनात किया गया था, उन्हें अब अपने मूल पदस्थापना स्थल पर वापस जाकर जिम्मेदारी संभालनी होगी।

बिना शासन अनुमति के किए गए आदेशों पर लगी रोक

सरकार ने बताया कि पहले भी कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों का संलग्नीकरण केवल शासन की पूर्व अनुमति के बाद ही किया जा सकता है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता और अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा कई मामलों में बिना अनुमति अटैचमेंट किए जाने की जानकारी सामने आई।

इसी के बाद शासन ने नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए यह आदेश जारी किया है।

निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

सरकार ने अपने आदेश में साफ चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में बिना अनुमति किसी अधिकारी या कर्मचारी को अटैच किया गया या अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसकी पूरी जिम्मेदारी आदेश जारी करने वाले अधिकारी की होगी। विभाग ने सभी प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंताओं को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा है।

अब सिर्फ विशेष परिस्थितियों में मिलेगा अतिरिक्त प्रभार

लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य स्थिति में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बिना शासन की मंजूरी के न तो अटैच किया जाएगा और न ही अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जाएगी।

यदि किसी विशेष परिस्थिति में ऐसी आवश्यकता बनती है तो पहले शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। स्वीकृति मिलने के बाद भी अतिरिक्त प्रभार की अवधि अधिकतम तीन महीने तक ही रखी जा सकेगी।

सभी पुराने अटैचमेंट और अतिरिक्त प्रभार हुए समाप्त

जारी आदेश के अनुसार, विभाग के अधीनस्थ, क्षेत्रीय और अन्य कार्यालयों में पहले से किए गए सभी संलग्नीकरण और अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मूल कार्यालयों में वापस जाकर कार्यभार ग्रहण करना होगा।

रिक्त पदों के लिए भेजना होगा स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी कार्यालय में कर्मचारियों या अधिकारियों की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है तो अस्थायी व्यवस्था के नाम पर अतिरिक्त प्रभार देने के बजाय नियमित पदस्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए।विभाग का कहना है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण हो सकेगा।

  • Related Posts

    रायपुर : समाज की एकजुटता सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति: राजेश अग्रवाल

    रजवार समाज की बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने समाज की एकता, शिक्षा और युवाओं की भागीदारी पर दिया बल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल…

    Read more

    रायपुर : 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा जीपीएम, 18 से 21 अगस्त तक जुटेंगे प्रदेशभर के खिलाड़ी

    पांचों संभागों के 540 खिलाड़ी जिम्नास्टिक, क्रिकेट, ताईक्वांडो और कबड्डी में दिखाएंगे दम जिला प्रशासन ने शुरू की व्यापक तैयारियां रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खेल…

    Read more