
रायपुर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने केंद्र पर छत्तीसगढ़ सरकार को नियंत्रित करने का आरोप लगाया था, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा कुछ भी नहीं है और केंद्र तथा राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
‘मोदी की गारंटी के हर वादे को पूरा कर रही सरकार’
अपने विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी के दौरे पर रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी से जुड़े सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, किसानों से किए गए वादों का पालन और 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। उनके मुताबिक प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य लगातार जारी हैं।
केजरीवाल के बयान पर भी दिया जवाब
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा E20 पेट्रोल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर भी मुख्यमंत्री साय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
साय ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की सोच के साथ देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में पहले की तुलना में कहीं मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है और नए भारत के निर्माण की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
FCRA संशोधन विधेयक का किया स्वागत
अगले सप्ताह संसद में प्रस्तावित ‘विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस पहल का स्वागत करती है। उनका मानना है कि यह विधेयक देशहित में महत्वपूर्ण साबित होगा और इससे व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
बस्तर के कई गांवों में पहली बार तिरंगा फहराए जाने को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उनके अनुसार, दशकों तक नक्सल प्रभावित रहे बस्तर में अब हालात बदल रहे हैं और 90 से अधिक गांवों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे सकारात्मक बदलाव का स्वागत किया जाना चाहिए, न कि उस पर राजनीति की जानी चाहिए।






