अब चेन्नई में होगा दिलीप ट्रॉफी का फाइनल
दिलीप ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबलों के साथ नॉकआउट मैच भी बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जाएंगे। हालांकि फाइनल के लिए चेन्नई का एमए चिदंबरम स्टेडियम चुना गया है।यानी टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों के लिए बेंगलुरु प्रमुख केंद्र रहेगा, लेकिन चैंपियन का फैसला चेन्नई के ऐतिहासिक मैदान पर होगा।
दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने का मिलेगा मौका
BCCI ने वेन्यू बदलने की सबसे बड़ी वजह दर्शकों से जुड़ी बताई है। बोर्ड के अनुसार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दर्शकों की मौजूदगी को लेकर कुछ सीमाएं हैं। ऐसे में फाइनल को ऐसे स्टेडियम में कराने का फैसला किया गया है, जहां क्रिकेट प्रशंसक मैदान में पहुंचकर खिताबी मुकाबला देख सकें।इस फैसले से फैंस को घरेलू क्रिकेट के इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के फाइनल का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।
BCCI सचिव ने बताया क्यों जरूरी था बदलाव
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि दिलीप ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका अपना लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में क्रिकेट का स्तर लगातार ऊंचा रहता है और बोर्ड चाहता है कि प्रशंसकों को फाइनल मुकाबला स्टेडियम में जाकर देखने का अवसर मिले।उन्होंने यह भी बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में दर्शकों के प्रवेश को लेकर कुछ प्रतिबंध हैं। इसी वजह से फाइनल के लिए ऐसा मैदान चुना गया, जहां बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी पहुंचकर मुकाबले का आनंद ले सकें।
23 अगस्त से शुरू होगी खिताब की जंग
दिलीप ट्रॉफी 2026-27 का रोमांच 23 अगस्त से शुरू होगा। टूर्नामेंट के दौरान टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी और आखिरकार 6 से 10 सितंबर के बीच चेन्नई में होने वाले फाइनल से चैंपियन का फैसला होगा।वेन्यू में बदलाव के बाद अब क्रिकेट फैंस की नजरें इस बात पर भी रहेंगी कि फाइनल में कौन सी टीमें पहुंचती हैं और एमए चिदंबरम स्टेडियम में कौन सी टीम दिलीप ट्रॉफी की ट्रॉफी अपने नाम करती है।