दमोह में अवैध शराब के ठिकाने पर पुलिस की कार्रवाई ने खड़े किए नए सवाल, वायरल वीडियो के बाद जांच के घेरे में पूरा घटनाक्रम

Damoh: बुंदेलखंड के सागर में अवैध शराब के सेवन से हुई करीब 10 से ज्यादा मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. तो वहीं अवैध शराब के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. अवैध शराब के ठिकानों पर कार्रवाई करने पहुंची दमोह पुलिस टीम के साथ ही कथित शराब कारोबारियों की दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पथरिया थाना क्षेत्र है मामला

मामला पथरिया थाना क्षेत्र के सदगुआ स्थित कक्कू ढाबा जोकि हरिगोविंद पटेल का बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस टीम के साथ मौजूद एसआई संजू सैयाम के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्रता होती दिखाई दे रही है. वीडियो में पुलिसकर्मियों के सामने ही वर्दी को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने के आरोप हैं.

कार्रवाई करने पहुंचे थे या कहानी कुछ और थी?

इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सूत्रों का दावा है कि ढाबे पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम के कुछ जवानों ने पहले कथित तौर पर ढाबे से मुफ्त में शराब ली और इसके बाद कार्रवाई करते नजर आए. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. यही वजह है कि वायरल वीडियो के साथ-साथ पुलिस टीम के ढाबे पर पहुंचने से लेकर कार्रवाई तक के पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है.

एडिशनल एसपी बोले-आरोपी पर आबकारी एक्ट में केस

मामले में दमोह के एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि वायरल वीडियो 23 अगस्त का है. वीडियो सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं, पुलिस टीम के साथ हुए विवाद और कथित गाली-गलौज को लेकर एसडीओपी पथरिया को जांच के निर्देश दिए गए हैं और जांच प्रतिवेदन मांगा गया है.

एडिशनल एसपी के मुताबिक, यदि जांच में यह सामने आता है कि एसआई संजू सैयाम के साथ गाली-गलौज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो इस पहलू को भी जांच में शामिल किया जाएगा.

अब सवाल सिर्फ अवैध शराब के ठिकाने पर कार्रवाई का नहीं, बल्कि कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम की भूमिका का भी है.

  • आखिर ढाबे पर क्या हुआ.?
  • पुलिस के साथ अभद्रता क्यों हुई.?
  • मुफ्त शराब लेने के आरोपों में कितनी सच्चाई है.?
  • अगर पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज हुई तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा. एक सवाल ये भी है, जिस जांच का हवाला देकर कागजी घोड़े अक्सर दौड़ाए जाते हैं, क्या उसे सबसे सामने लाया जायेगा.

  • Related Posts

    UP Election 2027: बीजेपी ने अभी से कसी कमर, हारी सीटों पर बनेगी अलग रणनीति; जातीय समीकरण साधने पर भी जोर

    UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है. यूपी बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े बीते द‍िनों लखनऊ पहुंचे. यहां उन्‍होंने…

    Read more

    कर्जदार की मौत के बाद कौन चुकाएगा लोन? जानिए क्या है RBI का नियम

    Loan Repayment Rules: अगर किसी व्यक्ति ने बैंक से लोन लिया है और उसकी मौत हो जाती है, तो लोन अपने आप खत्म नहीं होता. ऐसी स्थिति में बैंक सबसे पहले…

    Read more