Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में बढ़ी मौतों की संख्या, 6 लोगों की गई जान; अब मकान मालिक पर FIR

 नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में लड़कों के पीजी की पांच मंजिला इमारत ढहने के हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। रविवार को हुए इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। हादसे के बाद सोमवार सुबह तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा। मलबे से निकाले गए कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।हादसे के बाद दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। इमारत के निर्माण और उसमें चल रहे काम के दौरान नियमों की अनदेखी हुई थी या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है। मामले में पीजी के मालिक हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की गंभीरता का जायजा लिया। उन्होंने मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति या अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने पीजी मालिक और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 290 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पीजी मालिक की गिरफ्तारी हुई है या नहीं।

मरम्मत के दौरान पिलर खिसकने का दावा

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इमारत में निर्माण या मरम्मत से जुड़ा काम चल रहा था। मुख्यमंत्री के अनुसार बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिसके बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर गई।हालांकि पुलिस ने हादसे की अंतिम वजह को लेकर अभी कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इमारत गिरने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

MCD की कार्रवाई से अवैध निर्माण पर बढ़ेगा दबाव

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज करने की बात कही है। MCD के अनुसार चार मंजिल से अधिक वाले अवैध निर्माणों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।इसके साथ ही अगर जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हादसे ने दिल्ली में पीजी, किराये की इमारतों और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब जांच से सामने आएगा हादसे का असली जिम्मेदार कौन

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्य के साथ हादसे की वजह पता करने पर है। जांच में निर्माण की अनुमति, इमारत की स्थिति, मरम्मत कार्य और सुरक्षा मानकों समेत कई पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इतनी बड़ी इमारत ढहने के पीछे आखिर कौन सी लापरवाही जिम्मेदार थी।

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