
नई दिल्ली/रायपुर. दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए इमारत हादसे ने दुर्ग के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में दुर्ग निवासी 20 वर्षीय युवराज सोनी की जान चली गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था और सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
हादसे से ठीक पहले दोस्त से फोन पर हुई थी बात
हादसे से कुछ ही देर पहले युवराज अपने बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर बातचीत कर रहा था। दोनों छुट्टियों के बाद मिले समय में साथ घूमने जाने की योजना बना रहे थे। बातचीत सामान्य चल रही थी, तभी अचानक आर्यन को फोन पर तेज गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी। इसके लगभग एक मिनट बाद युवराज से फोन संपर्क पूरी तरह टूट गया।आर्यन को पहले लगा कि किसी वजह से फोन कट गया होगा और युवराज कुछ देर बाद दोबारा कॉल करेगा। लेकिन जब उसे सत्य निकेतन में इमारत गिरने की जानकारी मिली तो उसकी चिंता बढ़ गई। वह तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हो गया।
मलबे के बीच दोस्त को तलाशता रहा आर्यन
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद आर्यन ने राहत और बचाव कार्य के बीच युवराज की जानकारी जुटाने की कोशिश की। उसने आसपास मौजूद लोगों और संबंधित टीमों से संपर्क कर अपने दोस्त के बारे में पता लगाने का प्रयास किया। काफी देर तक तलाश जारी रहने के बाद उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर से युवराज की मौत की सूचना मिली।युवराज की मौत की खबर सामने आते ही परिवार और उसके दोस्तों में मातम पसर गया। जिस दोस्त से कुछ देर पहले घूमने की योजना को लेकर बातचीत हो रही थी, उसी दोस्त को कुछ समय बाद अपने साथी की मौत की खबर मिली।
तीन दिन पहले ही घर से दिल्ली लौटा था युवराज
परिजनों और परिचितों के मुताबिक युवराज छुट्टियां बिताने के बाद करीब तीन दिन पहले ही दुर्ग से दिल्ली लौटा था। वह अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर था और दिल्ली में रहकर बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था।युवराज और आर्यन की दोस्ती बचपन से थी। दोनों एक ही गांव से जुड़े थे और लंबे समय से एक-दूसरे के करीबी दोस्त थे। दिल्ली लौटने के बाद दोनों ने साथ समय बिताने और घूमने का प्लान बनाया था, लेकिन इससे पहले ही सत्य निकेतन का हादसा युवराज की जिंदगी खत्म कर गया।








