
हैदराबाद: वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट ने खास तौर पर शादी के सीजन की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं को राहत दी है, क्योंकि आभूषणों की खरीद अब पहले के मुकाबले कुछ सस्ती हो गई है।
एमसीएक्स पर सोना 1,200 रुपये से अधिक टूटा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव में 1,213 रुपये यानी लगभग 0.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोना 1,41,850 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू मांग में नरमी और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले निवेशकों की सतर्क रणनीति ने कीमतों पर दबाव बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी मिला कमजोर संकेत
विदेशी बाजारों में भी सोने की चाल कमजोर रही। न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.85 प्रतिशत फिसलकर 4,041.42 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। जानकारों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल बड़े निवेश से बच रहे हैं। हालांकि, चीन में भौतिक सोने की मजबूत मांग और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने गिरावट को सीमित रखने का काम किया है।
प्रमुख शहरों में क्या है सोने का ताजा भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी इसी रुख का असर दिखाई दिया। शहरवार ताजा दरों के आधार पर उपभोक्ता स्थानीय बाजार में खरीदारी का फैसला ले सकते हैं।
चांदी की कीमतों में भी नहीं दिखी तेजी
सोने के साथ चांदी के बाजार में भी सुस्ती बनी हुई है। घरेलू सर्राफा बाजार में शुद्ध चांदी का भाव 2,18,010 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बना हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का फैसला आने के बाद ही सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा स्पष्ट होगी। तब तक दोनों कीमती धातुओं में सीमित दायरे में उतार चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।





