चार महीने में पांच बार बढ़े दाम, कुल असर 10 रुपए के करीब
सीएनजी की कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी को अलग-अलग देखें तो यह इस साल का पांचवां बड़ा इजाफा है। मई से अगस्त के बीच दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमत करीब 10 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ चुकी है।मई में पहली बढ़ोतरी 15 मई को हुई थी। उस समय कीमत 2 रुपए बढ़ाई गई थी। इसके बाद 17 मई को 1 रुपए, 23 मई को 1 रुपए और 26 मई को 2 रुपए की बढ़ोतरी हुई। इस तरह केवल 17 मई से 26 मई के बीच 10 दिनों में सीएनजी 6 रुपए महंगी हो गई थी।
| तारीख | बढ़ी कीमत | बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में दर |
|---|
| 15 मई 2026 | 2 रुपए | 79.09 रुपए प्रति किग्रा |
| 17 मई 2026 | 1 रुपए | 80.09 रुपए प्रति किग्रा |
| 23 मई 2026 | 1 रुपए | 81.09 रुपए प्रति किग्रा |
| 26 मई 2026 | 2 रुपए | 83.09 रुपए प्रति किग्रा |
| 29 अगस्त 2026 | 3.89 रुपए | 86.98 रुपए प्रति किग्रा |
29 अगस्त की बढ़ोतरी ने बदल दिया पूरा हिसाब
मई के बाद सीएनजी की कीमतों में कुछ समय तक राहत बनी रही, लेकिन 29 अगस्त को IGL ने फिर कीमत बढ़ा दी। इस बार बढ़ोतरी पहले की तुलना में काफी ज्यादा रही। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी 3.89 रुपए प्रति किलोग्राम महंगी हुई है।इस नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 86.98 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। यानी इस साल अब तक दिल्ली में सीएनजी के दाम कुल 9.89 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ चुके हैं।
दिल्ली के बाहर भी जेब पर कितना पड़ेगा असर
सीएनजी की नई कीमतों में शहर और क्षेत्र के हिसाब से अंतर बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के प्रमुख इलाकों में अब प्रति किलोग्राम दर इस प्रकार है:
| शहर या क्षेत्र | नई CNG दर |
|---|
| दिल्ली एनसीटी | 86.98 रुपए |
| नोएडा | 95.59 रुपए |
| ग्रेटर नोएडा | 95.59 रुपए |
| गौतम बुद्ध नगर | 95.59 रुपए |
| गाजियाबाद | 95.59 रुपए |
| हापुड़ | 96.59 रुपए |
| मेरठ | 95.47 रुपए |
| मुजफ्फरनगर | 95.47 रुपए |
| शामली | 95.47 रुपए |
| गुरुग्राम | 92.01 रुपए |
| रेवाड़ी | 91.59 रुपए |
| करनाल | 91.32 रुपए |
| कैथल | 92.32 रुपए |
| कानपुर | 98.31 रुपए |
| हमीरपुर | 98.31 रुपए |
| फतेहपुर | 98.31 रुपए |
| महोबा | 93.31 रुपए |
| बांदा | 93.31 रुपए |
| चित्रकूट | 93.31 रुपए |
| अजमेर | 96.33 रुपए |
| पाली | 96.33 रुपए |
| राजसमंद | 96.33 रुपए |
अब वाहन चलाने वालों को महीने के खर्च का नया हिसाब लगाना होगा
लगातार बढ़ती सीएनजी कीमतों का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। खासकर टैक्सी, ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों के लिए ईंधन खर्च बढ़ने का मतलब रोजाना की लागत में इजाफा है। निजी वाहन मालिकों के लिए भी महीने के बजट में अतिरिक्त खर्च जुड़ सकता है।इस साल अब तक हुई लगभग 10 रुपए प्रति किलोग्राम की कुल बढ़ोतरी यह बताती है कि सीएनजी से वाहन चलाने की लागत में बदलाव को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं होगा।