
सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्ट्रेट में उस समय भावनात्मक माहौल बन गया, जब जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के माता-पिता, उनके पति जितेंद्र कुमार और बेटा बिना किसी पूर्व सूचना के उनसे मिलने कार्यालय पहुंच गए। अचानक परिवार को सामने देखकर कलेक्टर कुछ क्षणों के लिए हैरान रह गईं। इसके बाद जैसे ही उन्होंने अपने माता-पिता को गले लगाया, वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी इस भावुक दृश्य के साक्षी बन गए।
‘आज हमारा सपना सच हो गया’
मुलाकात के दौरान कलेक्टर के माता-पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी को जिले की जिम्मेदारी संभालते देखना उनके जीवन के सबसे गर्व और खुशी के क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी संतान मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़े और समाज में सम्मानजनक स्थान हासिल करे। आज उनकी बेटी ने उस सपने को साकार कर दिया है।
बेटी की सफलता पर परिवार को गर्व
राज्य सरकार ने उनकी प्रशासनिक क्षमता, कार्यकुशलता और नेतृत्व कौशल को देखते हुए उन्हें सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की कमान सौंपी है। पद्मिनी भोई साहू भी शासन की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।
सेवा के कारण उन्हें राजधानी से करीब 300 किलोमीटर दूर रहना पड़ता है। ऐसे में परिवार का अचानक कार्यालय पहुंचना उनके लिए किसी सुखद सरप्राइज से कम नहीं था।
कार्यालय में मौजूद लोग भी हुए भावुक
कलेक्ट्रेट में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस भावुक पल को बेहद करीब से महसूस किया। कुछ देर के लिए पूरे कार्यालय का माहौल भावनाओं से भर गया। बाद में सभी ने कलेक्टर और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं।
माता-पिता ने दिया प्रेरणादायी संदेश
कलेक्टर के माता-पिता ने वहां उपस्थित लोगों से कहा कि वास्तव में वही माता-पिता सबसे अधिक सौभाग्यशाली होते हैं, जिनके बच्चे अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से उनके सपनों को साकार करते हैं। उनका यह संदेश वहां मौजूद सभी लोगों के लिए प्रेरणा बन गया।






