दूसरे राज्य से गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, इस एक चूक ने पुलिस की पूरी कार्रवाई को बना दिया गैरकानूनी

 बिलासपुर : हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को दूसरे राज्य से गिरफ्तार कर बिना ट्रांजिट रिमांड के संबंधित राज्य में लाना कानून और संविधान दोनों के विपरीत है। अदालत ने साइबर ठगी के एक आरोपी की हिरासत को अवैध मानते हुए पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की है।

डिवीजन बेंच ने रिमांड आदेश भी किया रद्द

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने आरोपी जितेश आनंद उर्फ जीतू की याचिका स्वीकार करते हुए 28 जून से 30 जून 2026 तक की हिरासत को गैरकानूनी घोषित कर दिया। इसके साथ ही अंबिकापुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी द्वारा 30 जून और 3 जुलाई 2026 को जारी किए गए रिमांड आदेश भी निरस्त कर दिए गए।अदालत ने आरोपी को पांच लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का निर्देश दिया।

21 लाख रुपये की साइबर ठगी का है आरोप

यह मामला सरगुजा रेंज के साइबर थाना में दर्ज एक साइबर ठगी से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने शेयर बाजार में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 21 लाख 15 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

पुलिस का दावा कोर्ट ने नहीं माना

सुनवाई के दौरान पुलिस ने तर्क दिया कि आरोपी अपनी इच्छा से छत्तीसगढ़ आया था, इसलिए ट्रांजिट रिमांड की जरूरत नहीं थी। हालांकि हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि उपलब्ध तथ्यों से स्पष्ट है कि आरोपी 28 जून की शाम से ही पुलिस के नियंत्रण में था।

संविधान के अनुच्छेद 21 और 22 का दिया हवाला

हाईकोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 22(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है। यदि गिरफ्तारी दूसरे राज्य में की जाती है तो वहां की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेना आवश्यक है।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी जाती है, उसी क्षण से उसे संविधान द्वारा दिए गए सभी कानूनी संरक्षण प्राप्त हो जाते हैं। इसलिए अवैध हिरासत के आधार पर बाद में लिया गया रिमांड भी कानून की कसौटी पर टिक नहीं सकता।

  • Related Posts

    NMEO योजना से किसान बेसाहू राम की खेती को मिली नई दिशा

    रायपुर, किसानों की आय में वृद्धि तथा तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम एवं तिलहन (NMEO) योजना का…

    Read more

    भोरमदेव सरस मेला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम का पालन करने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अपील

    पवित्र श्रावण माह में कबीरधाम जिले में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध भोरमदेव सरस मेला एवं सावन में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। मेले की स्वच्छता एवं…

    Read more