कर्मचारियों की सुविधाओं के लिए देना चाहती थीं पूरी रकम
महिला श्रद्धालु ने ट्रस्ट को स्पष्ट रूप से बताया था कि चेक से मिलने वाली पूरी राशि राम मंदिर में काम करने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं पर खर्च की जाए। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट से लिखित आश्वासन लेने की इच्छा भी जताई थी।इसी दौरान महिला ने मंदिर के लिए अलग से 10 हजार रुपये का दान भी दिया था। हालांकि बड़ी राशि वाला 4 करोड़ रुपये का चेक बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया।
अब बैंक की ओर से भेजा जा सकता है नोटिस
चेक का भुगतान नहीं होने के बाद बैंक की ओर से संबंधित महिला को नोटिस जारी किए जाने की तैयारी की जानकारी सामने आई है। नोटिस के जरिए उनसे यह स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है कि खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के बावजूद इतनी बड़ी रकम का चेक किस आधार पर जारी किया गया।चेक बाउंस से जुड़े मामलों में परिस्थितियों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है। हालांकि इस मामले में अभी आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ट्रस्ट बातचीत से निकालना चाहता है समाधान
फिलहाल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से महिला से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किए जाने की जानकारी है। ट्रस्ट की तरफ से इस संबंध में कोई औपचारिक कानूनी प्रक्रिया शुरू किए जाने की पुष्टि सामने नहीं आई है।अब निगाह इस बात पर है कि महिला की ओर से चेक जारी किए जाने की परिस्थितियों को लेकर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और 4 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किस तरह सुनिश्चित होता है।
पहले भी मंदिर निधि अभियान में बाउंस हुए थे चेक
राम मंदिर से जुड़ा चेक बाउंस का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में मंदिर निर्माण के लिए चलाए गए निधि समर्पण अभियान के दौरान भी बड़ी संख्या में चेक प्राप्त हुए थे। उस समय करीब 100 करोड़ रुपये के चेक अलग-अलग कारणों से बाउंस होने की जानकारी सामने आई थी।बाद में अधिकांश मामलों में संबंधित राशि जमा कराई गई थी, जबकि कुछ रकम की वसूली लंबित रहने की बात भी सामने आई थी।