क्रूड ऑयल महंगा, फिर भी क्यों नहीं बदले रेट
13 जुलाई को वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत में 8 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसके बावजूद भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा बना रहता है तो आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।
हर सुबह जारी होते हैं नए दाम
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट अपडेट करते हैं। इन कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स के आधार पर किया जाता है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा रेट
| शहर | पेट्रोल की कीमत | बदलाव |
|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | 0 |
| मुंबई | ₹111.21 | 0 |
| कोलकाता | ₹113.51 | 0 |
| चेन्नई | ₹107.76 | -1.69 |
| गुड़गांव | ₹102.97 | 0 |
| नोएडा | ₹101.96 | 0 |
| बेंगलुरु | ₹110.82 | -0.43 |
| भुवनेश्वर | ₹108.97 | -0.25 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | 0 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | -0.04 |
| जयपुर | ₹113.19 | +0.50 |
| लखनऊ | ₹101.86 | +0.27 |
| पटना | ₹113.37 | 0 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | +0.71 |
प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा रेट
| शहर | डीजल की कीमत | बदलाव |
|---|
| नई दिल्ली | ₹95.20 | 0 |
| मुंबई | ₹97.83 | 0 |
| कोलकाता | ₹99.82 | 0 |
| चेन्नई | ₹99.55 | -1.71 |
| गुड़गांव | ₹95.64 | 0 |
| नोएडा | ₹95.44 | 0 |
| बेंगलुरु | ₹98.77 | -0.37 |
| भुवनेश्वर | ₹100.68 | -0.24 |
| चंडीगढ़ | ₹89.47 | 0 |
| हैदराबाद | ₹103.82 | 0 |
| जयपुर | ₹98.25 | +0.47 |
| लखनऊ | ₹95.36 | +0.30 |
| पटना | ₹99.36 | 0 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹104.40 | +0.77 |
आगे क्या रह सकती है स्थिति
फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। लेकिन यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लगातार बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में भी ईंधन के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में वाहन चालकों और उपभोक्ताओं की नजर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की चाल और तेल कंपनियों के अगले फैसलों पर बनी रहेगी।