
रायगढ़। सहारा इंडिया निवेश घोटाले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी पर रायगढ़ पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस ने सहारा इंडिया कबीर चौक शाखा के पूर्व ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले तीन वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिप रहा था।पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
40 लाख के निवेश से शुरू हुआ मामला, भरोसे के नाम पर हुई धोखाधड़ी
पूरा मामला वर्ष 2022 में सामने आया था। कृष्णा विहार कॉलोनी रायगढ़ निवासी विकास निगानिया ने 29 सितंबर 2022 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।शिकायत के अनुसार, सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से मान्यता प्राप्त होने का भरोसा दिलाकर वर्ष 2017 में शिकायतकर्ता, उनकी माता और पत्नी से अलग-अलग योजनाओं में करीब 40 लाख रुपये निवेश करवाए थे।निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी राशि वापस नहीं की गई। जांच में पुलिस को पता चला कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर रकम जमा कराई गई, लेकिन बाद में अलग-अलग सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी कर दिए गए। पुलिस ने इसे योजनाबद्ध तरीके से की गई धोखाधड़ी बताया है।
दस्तावेजों की जांच में कई अधिकारियों की भूमिका आई सामने
मामले की जांच के दौरान जिला प्रशासन, बैंकों, मंत्रालयों और निवेशकों से मिले दस्तावेजों के आधार पर सहारा इंडिया समूह के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आई।जांच में शाखा प्रबंधक, सेक्टर मैनेजर और रीजनल अधिकारियों सहित कई पदाधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पहले भी कई आरोपी पहुंच चुके हैं जेल
धोखाधड़ी मामले में रायगढ़ कोतवाली पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।इनमें सहारा इंडिया रायगढ़ के पूर्व शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा, खरसिया के पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र कुमार साहू, कंपनी डायरेक्टर करुणेश अवस्थी, सेक्टर मैनेजर अमृत लाल श्रीवास और सहारा इंडिया बिलासपुर के रीजनल मैनेजर रजनीश तिवारी शामिल हैं।इन आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है।
आरोपी के पास से मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्ति की जानकारी
पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों के पास से कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें पहचान पत्र, नियुक्ति और कार्य आदेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खाते, जमीन संबंधी कागजात और धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई कार व मोटरसाइकिल शामिल हैं।
3,848 निवेशकों से 40 करोड़ से ज्यादा की ठगी का खुलासा
पुलिस जांच में अब तक रायगढ़ सहित अन्य जिलों से मिली शिकायतों के आधार पर 3,848 निवेशकों से कुल 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश भी लगातार जारी है।
ससुराल पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने दबोचा
सहारा इंडिया कबीर चौक रायगढ़ के पूर्व ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ निवासी विकास नगर, कोतरारोड़ लंबे समय से फरार था।ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने ससुराल क्षेत्र कोतरारोड़ पहुंचा है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी। पुलिस ने उसके कब्जे से सहारा इंडिया फ्रेंचाइजी कार्यालय कबीर चौक के विकास और प्रशासन संबंधी आदेश पत्र तथा कंपनी से संबंधित एमओयू की प्रतियां जब्त की हैं।
फरार आरोपियों पर जारी रहेगी पुलिस की कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस ने कहा है कि सहारा इंडिया निवेश घोटाले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जांच में सामने आने वाले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल, एएसआई विल्फ्रेड मसीह सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।







