जनजातीय गरिमा उत्सव में हुआ जनजातीय कारीगर हैंडीक्राफ्ट मेला प्रदर्शनी का आयोजन

 

शिल्पकारों ने अपने उत्पाद का किया बेहतर प्रदर्शन

सारंगढ़ बिलाईगढ़, / जनजातीय गरिमा उत्सव कार्यक्रम अंतर्गत ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ट्राइफेड) के द्वारा जिला सारंगढ़- बिलाईगढ़ के जनजातीय कारीगरों के द्वारा हस्तनिर्मित (हैंडीक्राफ्ट) वस्तुओं के विक्रय एवं प्रदर्शनी हेतु मेला का आयोजन शुक्रवार को साहू धर्मशाला सारंगढ़ में किया गया। इसमें ग्राम बैगीनडीह के बड़ी संख्या में जनजातीय वर्ग के कारीगर शामिल हुए और अपने हस्तनिर्मित वस्तुओं के प्रदर्शन सह विक्रय किया गया।कार्यक्रम में दोपहर भोज का व्यवस्था किया गया था।

इस कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी और जननेता बिरसा मुंडा के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया गया। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पाण्डेय, सांसद प्रतिनिधि अरुण गुड्डू, सत्ताधारी दल के जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, अमित तिवारी, ट्राईफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक पी एम खदाने, सहायक आयुक्त बद्रीश सुखदेवे आदि अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अतिथियों ने प्रदर्शनी स्टॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने 2 माला खरीदी और उसका भुगतान अपने मोबाइल के यूपीआई खाता से किया।

ग्राम बैगीनडीह के झारा शिल्प और बेलमेटल उत्पाद रहे आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी सह विक्रय मेला में 

बैगीनडीह के बड़ी संख्या में शिल्पकार शामिल थे। उन्होंने अपने झारा शिल्प और बेलमेटल उत्पाद का प्रदर्शन किया, यह आकर्षण का केंद्र था। अधिकांश महिला शिल्पकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राष्ट्रीय आजीविका मिशन (बिहान) की कात्यायनी, भारत माता जैसे कई स्व सहायता समूह से अपने आजीविका को मजबूती प्रदान कर रहें हैं।

ट्राइफेड में जुड़ने से होगा शिल्पकारों का भला

सारंगढ़ बिलाईगढ़ के ग्राम बैगीनडीह जैसे कई शिल्प गांव के शिल्पकार ट्राइफेड से जुड़कर अपना भला कर सकते हैं। ट्राइफेड का पूरा नाम ‘ट्राइबल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ है। यह भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की शीर्ष संस्था है। ट्राइफेड का प्रमुख कार्य जंगलों से लघु वनोपज इकट्ठा करने वाले, हस्तशिल्प बनाने वाले आदिवासी समुदायों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना है। आदिवासी उत्पादों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार खोजना है। ट्राइफेड आदिवासी उत्पादों (जैसे प्राकृतिक शहद, हस्तशिल्प, कपड़े, जैविक उत्पाद) की ब्रांडिंग और बिक्री करता है। ट्राइफेड ने 50-100 राज्य स्तरीय निर्माता कंपनियों के माध्यम से वनधन माइक्रो उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं। वनधन निर्माता कंपनियों का उद्देश्य उत्पादकता, लागत में कमी, कुशल एकत्रीकरण, मूल्य संवर्धन के लिए बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण, उत्पाद के बेहतर उपयोग और उपज के कुशल विपणन को बढ़ाना है।

ट्राइफेड का हिस्सा बनने के लिए अवसर

ट्राइफेड विश्व के सभी कॉर्पोरेट, आदिवासी समाज, वैज्ञानिक, संस्थानों, प्रशिक्षक, संसाधन व्यक्ति, विषय विशेषज्ञ, सलाहकार, कार्यान्वयन एजेंसियां, उपकरण और उपकरण निर्माता, सेलर्स, खरीदार, डिजाइनर सभी के लिए अवसर प्रदान करता है।

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