
दिल्ली : जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम को आधार बनाकर आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर हमला तेज कर दिया है।कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का कहना है कि जब परीक्षा विवादों को लेकर केंद्र में नैतिक जिम्मेदारी तय हो सकती है, तो पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।





